11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया की क्रीमी लेयर का निर्धारण सिर्फ माता-पिता की सैलरी के आधार पर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि सामाजिक स्थिति और पद भी देखना जरूरी है।
क्रीमी लेयर के अंदर आएंगे
1.आय सीमा परिवार की वार्षिक आय 8 लाख से अधिक है (सैलरी और खेती की कमाई को छोड़कर के) तो उनके बच्चे क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
2.अगर माता-पिता में से कोई ग्रुप ए या क्लास वन का ऑफिसर है तो उनके बच्चे क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
3.अगर दोनों माता-पिता ग्रुप B या क्लास द्वितीय ऑफिसर हैं तो उनके बच्चे क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
4.अगर माता-पिता 40 साल की उम्र से पहले ही ग्रुप ए में प्रमोट हो गए तो उनके बच्चे क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
5.संविधानिक पद पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के जज तो उनके बच्चे क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
6.सशस्त्र सेवा कर्नल रैंक के या उनसे ऊपर रैंक के अधिकारी के बच्चे क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
कौन नॉन क्रीमी लेयर के अंतर्गत आएंगे
1.अगर आपके परिवार की सालाना आय ₹800000 से कम है (सैलरी और खेती की कमाई को छोड़कर के) तो उनके बच्चे नॉन क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
2.अगर आपके पिता या माता ग्रुप सी या ग्रुप डी के कर्मचारी हैं तो उनके बच्चे नॉन क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
3.अगर आपके माता-पिता या पिता या माता ग्रुप B कर्मचारी हैं लेकिन वह सीधी भर्ती से नहीं हुई या 40 साल की उम्र की बाद प्रमोट हुए हैं तो उनके बच्चे नॉन क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
4.सशस्त्र सेवा में कर्नल रैंक के नीचे सभी कर्मचारी हैं तो उनके बच्चे नॉन क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
5.यदि माता-पिता में से कोई भी संवैधानिक पद पर नहीं है जैसे जज, मंत्री आदि तो उनके बच्चे नॉन क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
6.यदि आपके पास बहुत ज्यादा शहरी संपत्ति या बड़ी इंडस्ट्री नहीं है तो उनके बच्चे नॉन क्रीमी लेयर के पात्र होंगे।
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