भारतीय संसद के अनुच्छेद (79 से 122), राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां (123)

भारतीय संसद के अनुच्छेद (79 से 122)

भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर हमारी संसद है, जहाँ देश के भविष्य के कानून बनते हैं. भारतीय संविधान के भाग 5 के अध्याय 2 में अनुच्छेद 79 से 122 तक भारतीय संसद (Parliament) के गठन, संरचना, अवधियों, अधिकारियों और विधायी प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है. इसके तुरंत बाद, अध्याय 3 का अनुच्छेद … Read more

संविधान भाग 5: संघ की कार्यपालिका (अनुच्छेद 52 से 78) की पूरी जानकारी

संविधान भाग 5: संघ की कार्यपालिका (अनुच्छेद 52 से 78) की पूरी जानकारी

अध्याय 1. कार्यपालिका (राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति)For UPPCS,BPSC,MPPSC,HEO,SSC,RO ARO,LOWER PCS भारतीय संविधान के भाग 5 (The Union – संघ) के अंतर्गत अध्याय 1 में अनुच्छेद 52 से 78 तक संघ की कार्यपालिका (Union Executive) का विस्तृत विवरण दिया गया है। भारत में संसदीय शासन प्रणाली होने के कारण राष्ट्रपति कार्यपालिका के संवैधानिक (नाममात्र) प्रमुख होते हैं, … Read more

भारतीय संविधान के अनुच्छेद|Bhartiya Samvidhan ke Anuchchhed|Part 2

Directive Principles of State Policy - अनुच्छेद 36 से 51

भाग-4: राज्य की नीति के निदेशक तत्व (Directive Principles of State Policy) – अनुच्छेद 36 से 51 यह देश की सरकारों (केंद्र और राज्य) के लिए एक ‘गाइडबुक’ की तरह है, जो बताती है कि एक अच्छे देश (कल्याणकारी राज्य) के लिए सरकार को क्या-क्या काम करने चाहिए।  अनुच्छेद 36 : परिभाषा सरल व्याख्या : … Read more

भारतीय संविधान के अनुच्छेद |Bhartiya Samvidhan Ke Anuchchhed

Important Articles of Indian Constitution

भारतीय संविधान के परिचय (Introduction) “भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद का तात्पर्य उन मुख्य कानूनी धाराओं से है जो भारत की लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों का आधार हैं। मूल रूप से भारतीय संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थीं। वर्तमान में (विभिन्न संशोधनों के बाद) इसमें कुल 25 भाग, … Read more

क्रिप्स और कैबिनेट मिशन | Cripps & Cabinet Mission

क्रिप्स मिशन 1942 और कैबिनेट मिशन 1946 प्रस्ताव व प्रमुख कथन

क्रिप्स मिशन, 1942 (Cripps Mission, 1942) द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारत का सहयोग प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा भेजा गया एक असफल राजनयिक प्रयास था। मार्च 1942 में ब्रिटिश प्रधान मंत्री विंस्टन चर्चिल ने अपने मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ मंत्री सर स्टैफोर्ड क्रिप्स को भारत भेजा था। क्रिप्स मिशन के मुख्य प्रस्ताव … Read more

भारत शासन अधिनियम 1935 और इस पर प्रमुख कथन

भारत शासन अधिनियम 1935 और इस पर प्रमुख कथन

भारत शासन अधिनियम 1935 और इस पर प्रमुख कथन इस लेख में हम भारत शासन अधिनियम 1935 और इस पर प्रमुख कथन के बारे में विस्तार से जानेंगे। यह अधिनियम भारतीय संवैधानिक इतिहास का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण दस्तावेज था। हमारे वर्तमान भारतीय संविधान का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा इसी अधिनियम से लिया … Read more

भारत शासन अधिनियम, 1935 (Government of India Act, 1935)

भारत शासन अधिनियम, 1935

भारत शासन अधिनियम, 1935 की मुख्य विशेषताएं,धाराएं,प्रभाव यह हमारे आज के भारतीय संविधान का सबसे बड़ा स्रोत (हार्ट) है। हमारा आधा से ज्यादा संविधान इसी कानून की लाइनों से मिलकर बना है। प्रश्न :  भारत में उत्तरदायित्वपूर्ण शासन की स्थापना के संदर्भ में अंतिम महत्वपूर्ण अधिनियम कौन-सा था उत्तर : भारत सरकार अधिनियम, 1935 सरल … Read more

भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार,1919)

भारत-सरकार-अधिनियम-1919

भारत सरकार अधिनियम, 1919 (Government of India Act, 1919) इसे इतिहास में ‘मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार’ कहा जाता है। यह कानून प्रांतों में ‘द्वैध शासन’ (Double Government) लागू करने और केंद्र में दो सदनों वाली संसद (लोकसभा व राज्यसभा) बनाने के लिए जाना जाता है। प्रश्न :  भारत सरकार अधिनियम, 1919 की आधार सामग्री थी उत्तर : … Read more

भारत परिषद अधिनियम, 1909(मार्ले-मिंटो सुधार,1909)

भारत परिषद अधिनियम, 1909

भारत परिषद अधिनियम, 1909 (Indian Councils Act, 1909) इसे इतिहास में ‘मार्ले-मिंटो सुधार’ कहा जाता है। यह कानून भारत में हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग चुनाव प्रणाली (सांप्रदायिक निर्वाचन) शुरू करने के लिए जाना जाता है, जिसने आगे चलकर देश के विभाजन की नींव रखी। प्रश्न :  भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 को अन्य किस … Read more

भारत शासन अधिनियम, 1858 भारत परिषद अधिनियम, 1861,1892

भारतीय परिषद अधिनियम 1858, भारतीय परिषद अधिनियम 1861, भारतीय परिषद अधिनियम 1892

भारत शासन अधिनियम, 1858 (Government of India Act, 1858) यह कानून 1857 की महान क्रांति (विद्रोह) के तुरंत बाद आया था। इसके तहत ब्रिटिश संसद ने ईस्ट इंडिया कंपनी को पूरी तरह खत्म करके भारत का राज-काज सीधे अपने हाथों में ले लिया। प्रश्न : 1858 के अधिनियम के द्वारा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स तथा बोर्ड … Read more

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