पिट्स इण्डिया एक्ट, 1784
पिट्स इण्डिया एक्ट, 1784 के तहत पूरब के देशों में ब्रिटिश उपनिवेशों के प्रशासन पर नियंत्रण तथा निरीक्षण का उत्तरदायित्व किस पर था
बोर्ड ऑफ कंट्रोल पर
1784 के पिट्स इण्डिया एक्ट के अधीन गठित किय गये बोर्ड ऑफ कंट्रोल के सदस्यों की नियुक्ति की जाती थी
ब्रिटिश सम्राट द्वारा
किस अधिनियम द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक तथा राजनीतिक कार्यों को पृथक कर दिया गया था
पिट्स इण्डिया एक्ट, 1784
पिट्स इण्डिया एक्ट, 1784 के तहत कंपनी के व्यापारिक मामलों के अधीक्षण की अनुमति किसके पास थी
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को
पिट्स इण्डिया एक्ट, 1784 के अंतर्गत ईस्ट इण्डिया कंपनी पर राजनीतिक नियंत्रण एवं निरीक्षण हेतु किस संस्था की स्थापना की गई थी
बोर्ड ऑफ कंट्रोल (नियंत्रक मंडल)
अधिनियम, 1786
गवर्नर जनरल को विशेष परिस्थितियों में अपनी परिषद के निर्णय को निरस्त करने अथवा लागू करने का अधिकार प्रदान किया गया था
1786 के अधिनियम में
किस अधिनियम के द्वारा गवर्नर जनरल को प्रधान सेनापति की शक्तियाँ भी प्रदान की गई थी
1786 के अधिनियम से
चार्टर एक्ट, 1793
किस चार्टर के द्वारा नियंत्रक मंडल (बोर्ड ऑफ कंट्रोल) के सदस्यों को भारत के राजस्व से वेतन देने का प्रावधान किया गया
1793 का चार्टर अधिनियम
चार्टर अधिनियम, 1793 के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक अधिकारों को कितने वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया
20 वर्ष
किस अधिनियम के द्वारा बिना लाइसेंस के शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई
1793 का चार्टर अधिनियम
किस चार्टर के द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि गवर्नर जनरल बंगाल में अपनी अनुपस्थिति के समय परिषद के असैनिक सदस्य को अपने परिषद का उप– प्रधान नियुक्त कर सकता है
चार्टर अधिनियम, 1793
चार्टर एक्ट, 1813
किस चार्टर के द्वारा भारत में शिक्षा पर ईस्ट इंडिया कंपनी को एक लाख रुपये वार्षिक खर्च करने का प्रावधान किया गया
चार्टर एक्ट, 1813
किस अधिनियम के द्वारा ब्रिटिश संसद ने (वाय और चीन के साथ व्यापार को छोड़कर) ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत के साथ व्यापारिक एकाधिकार को समाप्त कर दिया था
1813 के चार्टर एक्ट द्वारा
किस चार्टर द्वारा सभी अंग्रेज व्यापारियों को भारत से व्यापार की छूट प्रदान करने का उपवन्ध किया गया था
1813 के चार्टर द्वारा
भारत में ईसाई धर्म के प्रचार की अनुमति प्रदान की गई
चार्टर एक्ट, 1813 द्वारा
चार्टर एक्ट, 1833
भारत के प्रथम गवर्नर जनरल थे
लॉर्ड विलियम बैंटिक
वह चार्टर जिसने बम्बई तथा मद्रास की परिषदों की विधि– निर्मात्री शक्ति समाप्त का कर दिया था
1833 का चार्टर एक्ट
चार्टर एक्ट, 1833 के किस धारा में यह उपबन्ध किया गया कि किसी भी भारतीय को मात्र धर्म, जन्म स्थान, वंश तथा वर्ण के आधार पर सरकारी सेवा के लिए अयोग्य नहीं माना जायेगा
धारा 87
ईस्ट इंडिया कंपनी के सभी वाणिज्यिक एकाधिकार कब समाप्त कर दिये गये
चार्टर एक्ट, 1833 द्वारा
किस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर जनरल को सम्पूर्ण भारत का गवर्नर जनरल बना दिया गया था
1833 के चार्टर एक्ट द्वारा
गवर्नर जनरल की परिषद में एक विधि– विशेषज्ञ (चौथा सदस्य के रूप में) का प्रावधान किया गया था
चार्टर एक्ट, 1833 द्वारा
पहला विधि विशेषज्ञ किसे नियुक्त किया गया था
मैकाले को
किस चार्टर एक्ट के द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि भारतीय क्षेत्रों का प्रशासन अब ब्रिटिश सम्राट के नाम से किया जायगा
चार्टर एक्ट, 1833 द्वारा
किस चार्टर एक्ट के द्वारा भारत में दास प्रथा को गैर– कानूनी घाषित कर दिया गया
चार्टर एक्ट, 1833
चार्टर एक्ट, 1853
भारतीय विधान परिषद में पहली बार क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का सिद्धांत आरंभ कब किया गया
1853के चार्टर के अनुसार स्थापित विधान परिषद में
किस एक्ट द्वारा विधि निर्माण के लिए ‘भारतीय (केंद्रीय) विधान परिषद’ की स्थापना की गई
1853के चार्टर एक्ट, द्वारा
किस राजलेख में बंगाल के प्रशासनिक कार्यों हेतु एक नये लेफ्टिनेंट गवर्नर की नियुक्ति का प्रावधान किया गया था
चार्टर एक्ट, 1853
पहली बार किस एक्ट के द्वारा गवर्नर जनरल के विधायी व प्रशासनिक कार्यों का विभाजन किया गया था
चार्टर एक्ट, 1853 द्वारा
किस राजलेख के द्वारा ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी के निदेशकों से भारत में की आने वाली नियुक्ति संबंधी शक्ति वापस ले ली
1853 का चार्टर एक्ट
किस अधिनियम द्वारा विधि सदस्य को गवर्नर जनरल की परिषद का पूर्ण सदस्य बना दिया गया
1853 अधिनियम द्वारा
1853 के चार्टर एक्ट के द्वारा सिविल सेवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का शुभारंभ हुआ तथा इस भारतीयों के लिए भी खोल दिया गया इसी संदर्भ में वर्ष 1854 में एक समिति की स्थापना हुई
मैकाले समिति
भारत शासन अधिनियम, 1858
भारत सरकार अधिनियम 1858 के तहत अब गवर्नर जनरल को क्या कहा जान लगा
वायसराय
भारत के प्रथम वायसराय कौन थे
लार्ड कैनिंग
ब्रिटिश संसद द्वारा ‘एक्ट फार दि वेटर गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया’ किस वर्ष पारित किया गया था
वर्ष 1858 ई. में
किस अधिनियम द्वारा भारत का शासन कम्पनी के हाथों से ले लिया गया और उसको ब्रिटिश ताज के अधीन कर दिया गया
भारत शासन अधिनियम, 1858
किस अधिनियम के द्वारा भारत के गवर्नर जनरल को भारत सचिव की आज्ञा के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य कर दिया गया
1858 के अधिनियम द्वारा
भारत राज्य सचिव का ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी होने का क्या कारण था
उसका ब्रिटिश मंत्रिमण्डल का सदस्य होना
1858 के अधिनयम के द्वारा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स तथा बोर्ड ऑफ कंट्रोल को समाप्त करक इनक समस्त अधिकारों को किस दे दिया गया था
भारत के राज्य सचिव को
किस अधिनियम द्वारा निदेशक मण्डल और नियंत्रक मण्डल का समाप्त कर दिया गया
1858 के अधिनियम द्वारा
भारत सचिव की सहायता क 1858 क अधिनियम के तहत लिए उपबन्ध किया गया था
सदस्यीय भारत परिषद का
भारत परिषद अधिनियम, 1861
किस अधिनियम के द्वारा सर्वप्रथम भारतीयों को कानून बनाने की प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया
1861 का अधिनियम
भारत परिषद अधिनियम, 1861 के द्वारा आपातकाल में अध्यादेश जारी करने की शक्ति किसे दी गयी थी
वायसराय को
आधुनिक भारत में सर्वप्रथम प्रतिनिधित्व प्रणाली का आरंभ करने वाला अधिनियम कौन– सा था
1861 वें भारतीय परिषद अधिनियम द्वारा वायसराय की कार्यकारी परिषद में विधि– निर्माण हेतु सम्मिलित किये जाने वाले कितने अतिरिक्त सदस्यों की संख्या का उपबन्ध किया गया था
न्यूनतम 6 तथा अधिकतम 12 सदस्य
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 के अधीन गठित वायासराय की कार्यकारिणी परिषद में प्रशासनिक सेवा के सदस्यों की संख्या कितनी थी
तीन
किस अधिनियम ने मद्रास तथा बम्बई प्रांतों की विधान सभाओं को विधि– निर्माण हेतु सशक्त किया था
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
किस अधिनियम द्वारा मद्रास एवं बंबई की प्रेसीडेंसियों को पुनः विधायी शक्तियाँ देकर विकेंद्रीकरण के प्रक्रिया की शुरुआत की गई
भारत परिषद अधिनियम, 1861
किस अधिनियम में विधि निर्माण के क्षेत्र में ‘शक्ति विभाजन के सिद्धांत’ की कल्पना की गयी थी
1861 के भारतीय परिषद अधिनियम द्वारा वायसराय की परिषद को कानून बनाने की शक्ति प्रदान की गई, जिसके तहत लार्ड कैनिंग ने शुरुआत की
विभागीय प्रणाली की
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 द्वारा वायसराय की कार्यकारी परिषद में सम्मिलित किये जाने वाले अतिरिक्त सदस्यों का कार्यकाल था
2 वर्ष
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 के अंतर्गत प्रांतों में स्थापित की गयी विधान परिषदें थीं
बंगाल (1862 ई.), उत्तर– पश्चिमी सीमा प्रान्त (1866ई.), पंजाब (1897ई.)
वायसराय की कार्यकारी परिषद में विधि सदस्य को किस रूप में सम्मिलित किया गया था
पाँचवें सदस्य के रूप में
वायसराय को परिषद के कार्य संचालन हेतु नियमों तथा आदेशों के निर्माण का अधिकार किस अधिनियम द्वारा दिया गया था
1861 के भारतीय परिषद अधिनियम द्वारा
वह अधिनियम जिसमें भविष्य की प्रतिनिधि सरकार के शुभारम्भका प्रथम प्रयास था
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861
वायसराय को अपनी परिषद के सदस्यों में कार्य विभाजन (पोर्टफोलियो या विभागों का बंटवारा) का अधिकार दिया गया
भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 द्वारा
भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
बम्बई तथा मद्रास की परिषदों में, गवर्नर द्वारा नियुक्त किये जाने वाले अतिरिक्त सदस्यों की संख्या निर्धारित की गयी
न्यूनतम 8 तथा अधिकतम 20 अतिरिक्त सदस्य
बंगाल प्रांत की परिषद में गवर्नर द्वारा नियुक्त किये जाने वाले अतिरिक्त सदस्यों की संख्या कितनी निश्चित की गयी
अधिकतम 20 सदस्य
केंद्रीय विधान परिषद में अतिरिक्त सदस्यों का निर्धारित कार्यकाल कितना था
2 वर्ष
केन्द्रीय विधान परिषद सहित वायसराय को अतिरिक्त सदस्यों के मनोनयन का अधिकार किस अधिनियम के द्वारा दिया गया था
भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
केन्द्रीय विधान परिषद में मनोनीत किये जाने वाले अतिरिक्त सदस्यों की संख्या निर्धारित की गयी
न्यूनतम 10 तथा अधिकतम 16
1892 के अधिनियम के अधीन प्रांतीय परिषद के अतिरिक्त सदस्यों का चुनाव किया जाता था
विश्वविद्यालयों, नगरपालिका, जिला परिषद, व्यापार संघ,जमींदारों आदि की सिफारिशों पर
1892 के अधिनियम के तहत केंद्रीय परिषद के गैर सरकारी सदस्यों का निर्वाचन किस प्रकार का होता था
प्रान्तीय परिषदों के गैर– सरकारी सदस्यों की सिफारिश पर
केंद्रीय विधान परिषद में अतिरिक्त सदस्यों के निर्वाचन हेतु कौन– सी रीति अपनाई गयी
परोक्ष निर्वाचन रीति
किस अधिनियम द्वारा केन्द्रीय तथा प्रान्तीय दोनों विधान परिषदों के सदस्यों को बजट पर बहस करने एवं प्रश्न पूछने का अधिकार दिया गया था
भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 द्वारा
1892 के अधिनियम के अंतर्गत नवीन विधि निर्माण के तहत प्रान्तीय व्यवस्थापिका सभाओं के लिए अनिवार्य था
गवर्नर जनरल (वायसराय) की पूर्व स्वीकृति
आपातकाल या विशेष आवश्यकता की स्थिति में गवर्नर जनरल को व्यवस्थापिका सभा की मदद से प्रांतों के लिए विधि निर्माण का अधिकार देने वाला अधिनियम था
भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
1892 के अधिनियम के अधीन गठित होने वाली व्यवस्थापिका सभाओं (कन्द्रीय तथा प्रांतीय) के सदस्य किस प्रकार के प्रश्न नहीं पूछ सकते थे
पूरक प्रश्न तथा तर्क पूर्ण प्रश्न
1892 के अधिनियम द्वारा किये गये सुधारों का पूर्ण लाभ उठाने की सलाह देने वाले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता कौन थे
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
1892 के अधिनियम के अधीन गठित होने वाली केन्द्रीय परिषद के सदस्य बनने वाले प्रमुख भारतीय नेता थे
गोपाल कृष्ण गोखले, रास बिहारी बोस तथा सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
1892 के अधिनियम द्वारा स्थापित व्यवस्थापिका सभाओं की वास्तविक स्थिति थी
परामर्शदात्री परिषदों जैसी
1892 के अधिनियम की आलोचना करने वाले नरमदलीय नेताओं के नेतृत्वकर्ता थे
गोपाल कृष्ण गोखले
भारत परिषद अधिनियम, 1909
1909 के अधिनियम द्वारा वायसराय की केन्द्रीय परिषद में अतिरिक्त सदस्यों की संख्या बढ़ाकर दी थी
60 सदस्य
1909 के अधिनियम द्वारा वायसराय की परिषद की कुल सदस्य संख्या कितनी हो गयी थी
69 सदस्य
1909 के भारत परिषद अधिनियम को अन्य किस नाम से जाना जाता है
मार्ले मिण्टो सुधार के नाम से
भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 किस वर्ष लागू हुआ था
जनवरी 1910 में
किस अधिनियम द्वारा मुसलमानों के लिए पृथक सामुदायिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू की गयी थी
भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 द्वारा
साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था द्वारा भविष्य में देश विभाजन की आधारशिला तैयार करने वाला अधिनियम था
भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
विधायी परिषदों में पूरक प्रश्न पूछने की व्यवस्था किस अधिनियम द्वारा की गयी थी
भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
विधायी परिषदों में लोकहित के विषयों को प्रस्तुत करने का अधिकार देने वाला अधिनियम था
भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
लॉर्ड मिण्टो ने मुसलमानों को निर्वाचन संबंधी कौन– सी सुविधाएँ प्रदान की थीं
पृथक निर्वाचन
साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व का जन्मदाता किसे माना जाता है
लार्ड मिण्टो को
भारत सचिव लार्ड मार्ले ने निर्वाचन हेतु किस निर्वाचक मण्डल की सिफारिश की थी
मिश्रित निर्वाचन मण्डल
वह अधिनियम जिसके द्वारा विधि– निर्मात्री परिषद का नाम सर्वप्रथम ‘व्यवस्थापिका सभा’ रखा गया था
भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
सुधारों की प्रकृति तथा प्रतिनिधित्व विस्तार के संदर्भ में रिपोर्ट देने हेतु लाई मिण्टो द्वारा नियुक्त की गयी समिति के अध्यक्ष कौन– थे
ए.टी. अरूण्डेल
भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 के तहत वायसराय की कार्यकारिणी परिषद में किस प्रथम भारतीय सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया
सत्येन्द्र प्रसाद सिन्हा को
केंद्रीय एवं प्रांतीय व्यवस्थापिका सभाओं की व्यवस्था और शक्तियों के विस्तार का अधिनियम था
1909 का भारतीय परिषद अधिनियम
1909 के परिषद कानून के अंतर्गत केन्द्रीय तथा प्रान्तीय व्यवस्थापिका सभाओं में सदस्यों के संदर्भ में बनाये जाने वाले अधिनियमों के लिए क्या आवश्यक था
सपरिषद भारत सचिव की स्वीकृति प्राप्त करना
1909 के परिषद कानून के अनुसार विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों की कितनी श्रेणियों थीं
तीन
भारत शासन अधिनियम, 1919
भारत सरकार अधिनियम, 1919 की प्रस्तावना में समावेश था
‘अगस्त घोषणा’ के मूल सिद्धांतों का
ब्रिटिश संसद में भारत सरकार अधिनियम, 1919 कब पारित किया गया
दिसम्बर, 1919 में
भारत सरकार अधिनियम, 1919 लागू हुआ था
3 जनवरी, 1921 को
भारत सरकार अधिनियम 1919 ने प्रांतों में उत्तरदायी सरकार की स्थापना के लिए किस प्रणाली का अपनाया था
द्वैध शासन (Dyarchy)
भारत सरकार अधिनियम, 1919 की आधार सामग्री थी
माण्टेग्यू चेम्सफोर्ड रिपोर्ट (1918)
भारत सरकार अधनियम, 1919 का उद्देश्य क्या था
भारत में एक उत्तरदायी शासन की स्थापना करना
1919 अधिनियम के अन्तर्गत प्रान्तीय कार्यकारिणी परिषद की शक्तियों का विभाजन कितने भागों में किया गया था
दो भागों में (आरक्षित तथा हस्तांतरित विषय)
हस्तांतरित विषयों पर राज्य के गवर्नर किसकी सलाह पर कार्य करत थे
मंत्रियों की सलाह पर
आरक्षित विषयों पर राज्य के गवर्नर किसकी सलाह पर कार्य करत थे
कार्यकारी परिषद की सलाह पर
पहली बार किस अधिनियम के द्वारा केन्द्रीय व प्रांतीय विषयों में विभाजन किया गया था
भारत सरकार अधिनियम 1919 द्वारा
1919 के अधिनियम के अधीन कन्द्रीय तथा प्रांतीय सरकारों के मध्य विवाद की स्थिति में मान्य मत किसका होता था
केन्द्र सरकार का
1919 के अधिनियम का झुकाव किस तरफ था
संघात्मक सरकार की तरफ
भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अनुसार प्रान्तीय स्तर पर विषयों में भ्रम की स्थिति में किसका स्पष्टीकरण, मत एवं निर्णय अंतिम होता था
गवर्नर का
भारत में गवर्नर के अधीन कितने प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली लागू की गयी थी
9 प्रांतों में
भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अधीन प्रांतों में स्थापित होने वाली विधान परिषदें किस प्रकार की थीं
एकसदनीय
किस अधिनियम के द्वारा प्रांतीय विधान सभाओं के लिए पहली बार प्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रणाली अपनायी गयी थी
1919 का अधिनियम द्वारा
1919 के अधिनियम के तहत प्रान्तीय तथा कंन्द्रीय सरकार के बीच शक्ति विभाजन किया गया था
न्यायगमन नियमों के अनुसार
भारतीय संविधान में सरकार को एकात्मक से संघात्मक में परिवर्तित करने हेतु पृष्ठभूमि तैयार करने वाला कानून कौन–सा
भारत सरकार अधिनियम 1919
1919 के अधिनियम के अंतर्गत प्रांतों में पृथक निर्वाचन क्षेत्रों की व्यवस्था किन वर्गों के लिए की गयी थी
सिक्खों, भारतीय ईसाई, यूरोपीय व आंग्ल भारतीयों के लिए
1919 के अधिनियम के द्वारा प्रांतीय विधान परिषदों में दलित वर्ग, श्रमिक आदि का प्रतिनिधित्व देने के लिए व्यवस्था की गयी थी
मनोनयन के द्वारा
किस अधिनियम द्वारा प्रतिवर्ष विधानमण्डल के समक्ष बजट प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य किया गया था
1919 के अधिनियम के द्वारा
भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा प्रान्तीय विधानसभा का कार्यकाल निर्धारित किया गया था
3 वर्ष
1919 के अधिनियम के अंतर्गत प्रांतीय विधानसभा का सत्र बुलाने, स्थगित करने अथवा भंग करने की शक्ति निहित थी
गवर्नर में
किस प्रांत में द्वैध शासन प्रणाली ने संतोषजनक ढंग से कार्य किया था
पंजाब
भारत सरकार अधिनियम, 1919 में प्रांतीय विधान सभा के निर्वाचन हेतु मतदान की शर्ते किस प्रकार निर्धारित की गयी थी
अलग–अलग प्रान्तों के लिए अलग–अलग
प्रांतीय विधानमण्डलों को प्रांतीय विषयों पर विधि बनाने का अधिकार किस अधिनियम के द्वारा दिया गया था
भारत सरकार अधिनियम, 1919 में
‘मंत्री गवर्नर के प्रसाद पर्यन्त ही पद पर रह सकेगा’ यह व्यवस्था किस अधिनियम द्वारा दी गयी थी
भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा
भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अंतर्गत गवर्नर द्वारा अध्यादेश जारी किये जाने हेतु वांछित शर्त क्या थी
वायसराय की अनुमति
किस अधिनियम द्वारा केन्द्र में प्रथम चार द्विसदनीय विधानसभा स्थापित की गयी थी
1919 के अधिनियम द्वारा
वह अधिनियम जिसके द्वारा प्रथमतः राज्यसभा स्थापित की गयी थी
भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा
1919 के अधिनियम द्वारा भारत सचिव की परिषद की संख्या पुनर्निधारित की गयी थी
न्यूनतम 8 तथा अधिकतम 12
1919 के अधिनियम द्वारा गवर्नर जनरल की कार्यकारिणी में भारतीय सदस्यों की संख्या पुनर्निर्धारित की गयी थी
3 (2 से बढ़ाकर)
1919 के अधिनियम के अनुसार किन विषयों पर भारतीय परिषद (Indian council) का मत अतिआवश्यक था
आय–व्यय तथा अखिल भारतीय सेवा संबंधी नियम
किस अधिनियम द्वारा लंदन में भारत के उच्चायुक्त के कार्यालय का सुजन किया गया
1919 के भारत सरकार अधिनियम द्वारा
1919 के अधिनियम द्वारा स्थापित राज्यसभा का कार्यकाल निश्चित किया गया था
5 वर्ष
1919 के अधिनियम के अनुसार विधानसभा में कौन–सा प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य था
कर वृद्धि विषयक सभी प्रस्ताव (आर्थिक बिल)
‘भारत का गवर्नर जनरल राज भी करता है, और शासन भी’ यह कथन संबंधित है
1919 के अधिनियम के द्वारा गवर्नर जनरल को दिये गये विशेषाधिकारों के संदर्भ में
किसने कहा था कि 1919 का अधिनियम भारतीयों के लिए बेडियों का नया जाल था
सुभाष चन्द्र बोस ने
किसका कथन है कि चेम्सफोर्ड सुधार भारत के आर्थिक शोषण तथा उस परतंत्र बनाये रखने की प्रक्रिया के ही अंग थे
महात्मा गाँधी का
किस अधिनियम द्वारा प्रावधान किया गया कि केन्द्रीय बजट एवं प्रांतीय बजट अलग–अलग पेश होंगे
भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा
किस अधिनियम के द्वारा पहली बार एक ‘लोक सेवा आयोग’ की स्थापना की गई थी
भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा
भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अधीन केन्द्रीय सरकार में विहित विषय थे
नाविक, सेना, बाह्य संबंध, भारतीय राजाओं से संबंध, रेलवे, डाक तथा तार, मुद्रा, ऋण–आय के साधन, फौजदारी तथा दीवानी कानून, अखिल भारतीय सेवायें आदि।
भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अधीन प्रांतीय सरकार में निहित विषय थे
स्थानीय स्वशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, बिक्रीकर, सहकारी समितियाँ, भूमिकर, प्रशासन, सिंचाई, न्याय, पुलिस तथा कारागृह आदि।
1919 के अधिनियम का किन लोगों द्वारा स्वागत किया गया था
काँग्रेस के मध्यमार्गियों द्वारा
‘मुडीमैन समिति’ किस लिए गठित की गयी थी
1919 के अधिनियम की जाँच करने हेतु
भारत शासन अधिनियम, 1935
भारत शासन अधिनियम, 1935 की प्रमुख विशेषता क्या है
भारत में सर्वप्रथम संघात्मक सरकार की स्थापना ,प्रान्तों में स्वायत्त शासन की स्थापना ,केन्द्र में ‘द्वैध शासन’
भारत शासन अधिनियम, 1935 के अंतर्गत अवशिष्ट शक्तियाँ केन्द्रित थीं
गवर्नर जनरल (वायसराय) में
किस अधिनियम के द्वारा अंग्रेजों ने ‘अखिल भारतीय संघ’ शब्द प्रस्तावित किया था
भारत सरकार अधिनियम, 1935
भारत शासन अधिनियम, 1935 में विषयों को विभाजित किया गया था
संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में
भारत में उत्तरदायित्वपूर्ण शासन की स्थापना के संदर्भ में अंतिम महत्त्वपूर्ण अधिनियम कौन–सा था
भारत सरकार अधिनियम, 1935
ब्रिटिश संसद ने भारत शासन अधिनियम, 1935 कब पारित किया था
अगस्त 1935 में
किस अधिनियम के द्वारा संघीय न्यायालय की स्थापना का प्रावधान किया गया था
भारत शासन अधिनियम, 1935 द्वारा
किस अधिनियम द्वारा भारत को लिखित संविधान देने का प्रयास किया गया था
भारत शासन अधिनियम, 1935 द्वारा
भारत शासन अधिनियम, 1935 में ब्रिटिश भारत से संबंधित कुल अनुच्छेद तथा अनुसूचियाँ थी
321 अनुच्छेद तथा 10 अनुसूचियाँ
वह अधिनियम जिसके द्वारा भारत में संघात्मक सरकार स्थापित की गयी थी
भारत शासन अधिनियम, 1935
1935 के अधिनियम में अखिल भारतीय संघ में सम्मिलित होना किसके लिए अनिवार्य था
ब्रिटिश भारतीय प्रांतों को
1935 के अधिनियम में अखिल भारतीय संघ में सम्मिलित होना एच्छिक था
भारतीय राजाओं के लिए
भारत शासन अधिनियम, 1935 के अंतर्गत केंद्रीय तथा प्रांतीय सरकारों के मध्य वैधानिक शक्तियों के विभाजन हेतु कितनी सूचियाँ बनायी गयीं थी
तीन संघीय सूची (59 विषय), प्रान्तीय सूची (54 विषय) तथा समवर्ती सूची (36 विषय)
1935 के अधिनियम के अंतर्गत संधीय सूची में रखे गये प्रमुख विषय थे
सशस्त्र सेनाएँ, डाकतार, मुद्रा, रेल, विदेशी मामले, अखिल भारतीय सेवाएँ आदि
भारत शासन अधिनियम, 1935 के अंतर्गत किसी भी सूची में उल्लिखित नहीं किये गये विषय के संदर्भ में विधि–निर्माण का अधिकार किसे दिया गया
गवर्नर जनरल के आदेश से केन्द्रीय अथवा प्रान्तीय विधान सभाओं को
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अंतर्गत केन्द्रीय कार्यपालिका के आरक्षित विषयों का प्रशासन किया जाता था
गवर्नर जनरल (वायसराय) तथा उसकी 3 सदस्यीय परिषद द्वारा
1935 के अधिनियम के अनुसार केन्द्रीय कार्यपालिका के हस्तांतरित विषयों का प्रशासन किया जाता था
गवर्नर जनरल तथा उसके मंत्रिमण्डल द्वारा
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अधीन संघ में सम्मिलित होने वाली सभी रियासतों के शासक के लिए अनिवार्य था
अंगीकरण (विलय) पत्र पर हस्ताक्षर करना
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अनुसार गवर्नर जनरल (वायसराय) की नियुक्ति की गयी थी
ब्रिटिश सम्राट के प्रतिनिधि के रूप में, संघीय शक्तियों के प्रयोगकर्ता अधिकारी के रूप में
भारत सरकार अधिनियम, 1935 में मंत्रिमण्डल की बैठकों की अध्यक्षता का अधिकार किस प्रदान किया गया था
गवर्नर जनरल (वायसराय) को
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अनुसार, केन्द्रीय कार्यपालिका के आरक्षित विषयों के संदर्भ में गवर्नर जनरल किसक अधीन था
भारत सचिव के
1935 के अधिनियम के अनुसार, केन्द्रीय मंत्रिमण्डल के सदस्यों की नियुक्ति तथा पदच्युति, केन्द्रीय विधानसभा का सत्र आहूत करना, विधेयकों पर स्वीकृति की घोषणा करने का अधिकार था
गवर्नर जनरल के पास
भारत शासन अधिनियम, 1935 के अधीन संघीय विधानमण्डल (व्यवस्थापिका) सदनीय थी
द्विसदनीय
भारत सचिव के लिए अधिकतम 6 तथा न्यूनतम 3 परामर्शदाता नियुक्ति करने का प्रावधान किस अधिनियम के तहत किया गया था
भारत सरकार अधिनियम, 1935
भारत सरकार अधिनियम, 1935 में संशोधन अथवा परिवर्तन की शक्ति निहित थी
ब्रिटिश संसद को
1935 के अधिनियम के अधीन प्रान्तीय क्षेत्र के प्रशासन का नियंत्रण किस दिया गया था
मंत्रिमण्डल को
1935 के अधिनियम में मंत्रिमण्डल को किसके प्रति उत्तरदायी घोषित किया गया था
विधानसभा के प्रति
1935 के अधिनियम के तहत प्रान्तीय विधानसभा के कार्य संचालन संबंधी नियमों का निर्माण करता था
गवर्नर
1935 के अधिनियम के अनुसार प्रान्तीय विधान सभा में अनुदान माँग रखने हेतु किसकी अनुमति आवश्यक थी
गवर्नर की
1935 के अधिनियम के द्वारा किन प्रान्तों में द्विसदनीय–विधानमण्डल की व्यवस्था की गयी थी
बंगाल, बिहार, असम, बम्बई, मद्रास तथा संयुक्त प्रांत (उत्तर प्रदेश)
1935 के अधिनियम के अंतर्गत संघीय विधानमण्डल (केंद्रीय विधानसभा) के सदनों में प्रावधानित सदस्य संख्या थी
उच्च सदन में 260 तथा निम्न सदन में 375 सदस्य
भारत सरकार अधिनियम, 1935 में निम्न सदन का कार्यकाल निर्धारित किया गया था
पाँच वर्ष
भारत सरकार अधिनियम, 1935 में अन्तर्निहित ‘अनुदेश प्रपत्र’ (इन्स्ट्रूमेंट ऑफ इन्स्ट्रक्शन्स) का भारत के संविधान में किस रूप में समाविष्ट किया गया है
राज्य के नीति निदेशक तत्वों के रूप में
1935 के अधिनियम के अनुसार, केंद्रीय विधायिका के दोनों सदनों में किसी विधेयक के संदर्भ में मतभेद की स्थिति में उसे सुलझाने के लिए किसके द्वारा दोनों सदनों का संयुक्त सत्र आहूत किया जा सकता था
गवर्नर जनरल (वायसराय)
1935 के अधिनियम द्वारा स्थापित होने वाले फेडरल न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या थी
एक मुख्य न्यायाधीश तथा दो अन्य न्यायाधीश
1935 के अधिनियम के अंतर्गत स्थापित फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती थी
ब्रिटिश सम्राट द्वारा
1935 के अधिनियम के अधीन स्थापित फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु निर्धारित की गयी थी
65 वर्ष
1935 के अधिनियम द्वारा स्थापित फेडरल न्यायालय को प्राप्त अधिकारिता थी
प्रारंभिक, अपीलीय तथा परामर्शदात्री अधिकारिता
1935 के अधिनियम के अंतर्गत गठित फेडरल न्यायालय के निर्णयों के विरूद्ध अपील की जा सकती थी
प्रीवी कौंसिल में
1935 के अधिनियम के अधीन संघ तथा इसमें सम्मिलित इकाईयों के मध्य सांविधानिक विवादों के निपटारे हेतु किस न्यायालय की स्थापना की गयी थी
फेडरल न्यायालय (संघीय न्यायालय) दिल्ली
संघ सरकार द्वारा राज्यों को आदेश देने का विचार भारत के संविधान निर्माताओं ने किस अधिनियम से प्राप्त किया
1935 के भारतीय अधिनियम से
किस वायसराय ने कहा था कि “भारत शासन अधिनियम, 1935 इसलिए पास किया गया, क्योंकि हम समझते थे कि भारत पर अंग्रेजी प्रभुत्व बरकरार रखने का यह सर्वोत्तम तरीका
लॉर्ड लिनलिथगो
“1919 का अधिनियम “भारतीयों के लिए बेड़ियों का नया जाल था”। यह कथन था
सुभाषचन्द्र बोस का
किस अधिनियम के द्वारा ‘संवैधानिक निरंकुशता का सिद्धांत’ प्रवृत किया गया था
भारत सरकार अधिनियम, 1935 द्वारा
किस अधिनियम के द्वारा वर्मा तथा अदन को भारत के शासन से पृथक कर दिया गया था
भारत सरकार अधिनियम, 1935 द्वारा
वर्ष 1935 के अधिनियम के बार में किसने कहा था कि “एक कार जिसमें ब्रेक तां है पर इंजन नहीं।”
जवाहरलाल नेहरू
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किस अधिनियम का “गुलामी का अधिकार पत्र या दासता का आज्ञा–पत्र” कहा था
भारत सरकार अधिनियम, 1935
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