Indian PolityTop 175 Question Answer Part 2

पिट्स इण्डिया एक्ट, 1784 के तहत पूरब के देशों में ब्रिटिश उपनिवेशों के प्रशासन पर नियंत्रण तथा निरीक्षण का उत्तरदायित्व किस पर था

1784 के पिट्स इण्डिया एक्ट के अधीन गठित किय गये बोर्ड ऑफ कंट्रोल के सदस्यों की नियुक्ति की जाती थी

किस अधिनियम द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक तथा राजनीतिक कार्यों को पृथक कर दिया गया था

पिट्स इण्डिया एक्ट, 1784 के तहत कंपनी के व्यापारिक मामलों के अधीक्षण की अनुमति किसके पास थी

पिट्स इण्डिया एक्ट, 1784 के अंतर्गत ईस्ट इण्डिया कंपनी पर राजनीतिक नियंत्रण एवं निरीक्षण हेतु किस संस्था की स्थापना की गई थी

गवर्नर जनरल को विशेष परिस्थितियों में अपनी परिषद के निर्णय को निरस्त करने अथवा लागू करने का अधिकार प्रदान किया गया था

किस अधिनियम के द्वारा गवर्नर जनरल को प्रधान सेनापति की शक्तियाँ भी प्रदान की गई थी

किस चार्टर के द्वारा नियंत्रक मंडल (बोर्ड ऑफ कंट्रोल) के सदस्यों को भारत के राजस्व से वेतन देने का प्रावधान किया गया

चार्टर अधिनियम, 1793 के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारिक अधिकारों को कितने वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया

किस अधिनियम के द्वारा बिना लाइसेंस के शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई

किस चार्टर के द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि गवर्नर जनरल बंगाल में अपनी अनुपस्थिति के समय परिषद के असैनिक सदस्य को अपने परिषद का उप– प्रधान नियुक्त कर सकता है

किस चार्टर के द्वारा भारत में शिक्षा पर ईस्ट इंडिया कंपनी को एक लाख रुपये वार्षिक खर्च करने का प्रावधान किया गया

किस अधिनियम के द्वारा ब्रिटिश संसद ने (वाय और चीन के साथ व्यापार को छोड़कर) ईस्ट इंडिया कंपनी के भारत के साथ व्यापारिक एकाधिकार को समाप्त कर दिया था

किस चार्टर द्वारा सभी अंग्रेज व्यापारियों को भारत से व्यापार की छूट प्रदान करने का उपवन्ध किया गया था

भारत में ईसाई धर्म के प्रचार की अनुमति प्रदान की गई

भारत के प्रथम गवर्नर जनरल थे

वह चार्टर जिसने बम्बई तथा मद्रास की परिषदों की विधि– निर्मात्री शक्ति समाप्त का कर दिया था

चार्टर एक्ट, 1833 के किस धारा में यह उपबन्ध किया गया कि किसी भी भारतीय को मात्र धर्म, जन्म स्थान, वंश तथा वर्ण के आधार पर सरकारी सेवा के लिए अयोग्य नहीं माना जायेगा

ईस्ट इंडिया कंपनी के सभी वाणिज्यिक एकाधिकार कब समाप्त कर दिये गये

किस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर जनरल को सम्पूर्ण भारत का गवर्नर जनरल बना दिया गया था

गवर्नर जनरल की परिषद में एक विधि– विशेषज्ञ (चौथा सदस्य के रूप में) का प्रावधान किया गया था

पहला विधि विशेषज्ञ किसे नियुक्त किया गया था

किस चार्टर एक्ट के द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि भारतीय क्षेत्रों का प्रशासन अब ब्रिटिश सम्राट के नाम से किया जायगा

किस चार्टर एक्ट के द्वारा भारत में दास प्रथा को गैर– कानूनी घाषित कर दिया गया

भारतीय विधान परिषद में पहली बार क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का सिद्धांत आरंभ कब किया गया

किस एक्ट द्वारा विधि निर्माण के लिए ‘भारतीय (केंद्रीय) विधान परिषद’ की स्थापना की गई

किस राजलेख में बंगाल के प्रशासनिक कार्यों हेतु एक नये लेफ्टिनेंट गवर्नर की नियुक्ति का प्रावधान किया गया था

पहली बार किस एक्ट के द्वारा गवर्नर जनरल के विधायी व प्रशासनिक कार्यों का विभाजन किया गया था

किस राजलेख के द्वारा ब्रिटिश सरकार ने ईस्ट इंडिया कंपनी के निदेशकों से भारत में की आने वाली नियुक्ति संबंधी शक्ति वापस ले ली

किस अधिनियम द्वारा विधि सदस्य को गवर्नर जनरल की परिषद का पूर्ण सदस्य बना दिया गया

1853 के चार्टर एक्ट के द्वारा सिविल सेवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का शुभारंभ हुआ तथा इस भारतीयों के लिए भी खोल दिया गया इसी संदर्भ में वर्ष 1854 में एक समिति की स्थापना हुई

भारत सरकार अधिनियम 1858 के तहत अब गवर्नर जनरल को क्या कहा जान लगा

भारत के प्रथम वायसराय कौन थे

ब्रिटिश संसद द्वारा ‘एक्ट फार दि वेटर गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया’ किस वर्ष पारित किया गया था

किस अधिनियम द्वारा भारत का शासन कम्पनी के हाथों से ले लिया गया और उसको ब्रिटिश ताज के अधीन कर दिया गया

किस अधिनियम के द्वारा भारत के गवर्नर जनरल को भारत सचिव की आज्ञा के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य कर दिया गया

भारत राज्य सचिव का ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी होने का क्या कारण था

1858 के अधिनयम के द्वारा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स तथा बोर्ड ऑफ कंट्रोल को समाप्त करक इनक समस्त अधिकारों को किस दे दिया गया था

किस अधिनियम द्वारा निदेशक मण्डल और नियंत्रक मण्डल का समाप्त कर दिया गया

भारत सचिव की सहायता क 1858 क अधिनियम के तहत लिए उपबन्ध किया गया था

किस अधिनियम के द्वारा सर्वप्रथम भारतीयों को कानून बनाने की प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया

भारत परिषद अधिनियम, 1861 के द्वारा आपातकाल में अध्यादेश जारी करने की शक्ति किसे दी गयी थी

आधुनिक भारत में सर्वप्रथम प्रतिनिधित्व प्रणाली का आरंभ करने वाला अधिनियम कौन– सा था

1861 वें भारतीय परिषद अधिनियम द्वारा वायसराय की कार्यकारी परिषद में विधि– निर्माण हेतु सम्मिलित किये जाने वाले कितने अतिरिक्त सदस्यों की संख्या का उपबन्ध किया गया था

भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 के अधीन गठित वायासराय की कार्यकारिणी परिषद में प्रशासनिक सेवा के सदस्यों की संख्या कितनी थी

किस अधिनियम ने मद्रास तथा बम्बई प्रांतों की विधान सभाओं को विधि– निर्माण हेतु सशक्त किया था

किस अधिनियम द्वारा मद्रास एवं बंबई की प्रेसीडेंसियों को पुनः विधायी शक्तियाँ देकर विकेंद्रीकरण के प्रक्रिया की शुरुआत की गई

किस अधिनियम में विधि निर्माण के क्षेत्र में ‘शक्ति विभाजन के सिद्धांत’ की कल्पना की गयी थी

1861 के भारतीय परिषद अधिनियम द्वारा वायसराय की परिषद को कानून बनाने की शक्ति प्रदान की गई, जिसके तहत लार्ड कैनिंग ने शुरुआत की

भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 द्वारा वायसराय की कार्यकारी परिषद में सम्मिलित किये जाने वाले अतिरिक्त सदस्यों का कार्यकाल था

भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 के अंतर्गत प्रांतों में स्थापित की गयी विधान परिषदें थीं

वायसराय की कार्यकारी परिषद में विधि सदस्य को किस रूप में सम्मिलित किया गया था

वायसराय को परिषद के कार्य संचालन हेतु नियमों तथा आदेशों के निर्माण का अधिकार किस अधिनियम द्वारा दिया गया था

वह अधिनियम जिसमें भविष्य की प्रतिनिधि सरकार के शुभारम्भका प्रथम प्रयास था

वायसराय को अपनी परिषद के सदस्यों में कार्य विभाजन (पोर्टफोलियो या विभागों का बंटवारा) का अधिकार दिया गया

बम्बई तथा मद्रास की परिषदों में, गवर्नर द्वारा नियुक्त किये जाने वाले अतिरिक्त सदस्यों की संख्या निर्धारित की गयी

बंगाल प्रांत की परिषद में गवर्नर द्वारा नियुक्त किये जाने वाले अतिरिक्त सदस्यों की संख्या कितनी निश्चित की गयी

केंद्रीय विधान परिषद में अतिरिक्त सदस्यों का निर्धारित कार्यकाल कितना था

केन्द्रीय विधान परिषद सहित वायसराय को अतिरिक्त सदस्यों के मनोनयन का अधिकार किस अधिनियम के द्वारा दिया गया था

केन्द्रीय विधान परिषद में मनोनीत किये जाने वाले अतिरिक्त सदस्यों की संख्या निर्धारित की गयी

1892 के अधिनियम के अधीन प्रांतीय परिषद के अतिरिक्त सदस्यों का चुनाव किया जाता था

1892 के अधिनियम के तहत केंद्रीय परिषद के गैर सरकारी सदस्यों का निर्वाचन किस प्रकार का होता था

केंद्रीय विधान परिषद में अतिरिक्त सदस्यों के निर्वाचन हेतु कौन– सी रीति अपनाई गयी

किस अधिनियम द्वारा केन्द्रीय तथा प्रान्तीय दोनों विधान परिषदों के सदस्यों को बजट पर बहस करने एवं प्रश्न पूछने का अधिकार दिया गया था

1892 के अधिनियम के अंतर्गत नवीन विधि निर्माण के तहत प्रान्तीय व्यवस्थापिका सभाओं के लिए अनिवार्य था

आपातकाल या विशेष आवश्यकता की स्थिति में गवर्नर जनरल को व्यवस्थापिका सभा की मदद से प्रांतों के लिए विधि निर्माण का अधिकार देने वाला अधिनियम था

1892 के अधिनियम के अधीन गठित होने वाली व्यवस्थापिका सभाओं (कन्द्रीय तथा प्रांतीय) के सदस्य किस प्रकार के प्रश्न नहीं पूछ सकते थे

1892 के अधिनियम द्वारा किये गये सुधारों का पूर्ण लाभ उठाने की सलाह देने वाले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता कौन थे

1892 के अधिनियम के अधीन गठित होने वाली केन्द्रीय परिषद के सदस्य बनने वाले प्रमुख भारतीय नेता थे

1892 के अधिनियम द्वारा स्थापित व्यवस्थापिका सभाओं की वास्तविक स्थिति थी

1892 के अधिनियम की आलोचना करने वाले नरमदलीय नेताओं के नेतृत्वकर्ता थे

1909 के अधिनियम द्वारा वायसराय की केन्द्रीय परिषद में अतिरिक्त सदस्यों की संख्या बढ़ाकर दी थी

1909 के अधिनियम द्वारा वायसराय की परिषद की कुल सदस्य संख्या कितनी हो गयी थी

1909 के भारत परिषद अधिनियम को अन्य किस नाम से जाना जाता है

भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 किस वर्ष लागू हुआ था

किस अधिनियम द्वारा मुसलमानों के लिए पृथक सामुदायिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू की गयी थी

साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था द्वारा भविष्य में देश विभाजन की आधारशिला तैयार करने वाला अधिनियम था

विधायी परिषदों में पूरक प्रश्न पूछने की व्यवस्था किस अधिनियम द्वारा की गयी थी

विधायी परिषदों में लोकहित के विषयों को प्रस्तुत करने का अधिकार देने वाला अधिनियम था

लॉर्ड मिण्टो ने मुसलमानों को निर्वाचन संबंधी कौन– सी सुविधाएँ प्रदान की थीं

साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व का जन्मदाता किसे माना जाता है

भारत सचिव लार्ड मार्ले ने निर्वाचन हेतु किस निर्वाचक मण्डल की सिफारिश की थी

वह अधिनियम जिसके द्वारा विधि– निर्मात्री परिषद का नाम सर्वप्रथम ‘व्यवस्थापिका सभा’ रखा गया था

सुधारों की प्रकृति तथा प्रतिनिधित्व विस्तार के संदर्भ में रिपोर्ट देने हेतु लाई मिण्टो द्वारा नियुक्त की गयी समिति के अध्यक्ष कौन– थे

भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 के तहत वायसराय की कार्यकारिणी परिषद में किस प्रथम भारतीय सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया

केंद्रीय एवं प्रांतीय व्यवस्थापिका सभाओं की व्यवस्था और शक्तियों के विस्तार का अधिनियम था

1909 के परिषद कानून के अंतर्गत केन्द्रीय तथा प्रान्तीय व्यवस्थापिका सभाओं में सदस्यों के संदर्भ में बनाये जाने वाले अधिनियमों के लिए क्या आवश्यक था

1909 के परिषद कानून के अनुसार विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों की कितनी श्रेणियों थीं

भारत सरकार अधिनियम, 1919 की प्रस्तावना में समावेश था

ब्रिटिश संसद में भारत सरकार अधिनियम, 1919 कब पारित किया गया

भारत सरकार अधिनियम, 1919 लागू हुआ था

भारत सरकार अधिनियम 1919 ने प्रांतों में उत्तरदायी सरकार की स्थापना के लिए किस प्रणाली का अपनाया था

भारत सरकार अधिनियम, 1919 की आधार सामग्री थी

भारत सरकार अधनियम, 1919 का उद्देश्य क्या था

1919 अधिनियम के अन्तर्गत प्रान्तीय कार्यकारिणी परिषद की शक्तियों का विभाजन कितने भागों में किया गया था

हस्तांतरित विषयों पर राज्य के गवर्नर किसकी सलाह पर कार्य करत थे

आरक्षित विषयों पर राज्य के गवर्नर किसकी सलाह पर कार्य करत थे

पहली बार किस अधिनियम के द्वारा केन्द्रीय व प्रांतीय विषयों में विभाजन किया गया था

1919 के अधिनियम के अधीन कन्द्रीय तथा प्रांतीय सरकारों के मध्य विवाद की स्थिति में मान्य मत किसका होता था

1919 के अधिनियम का झुकाव किस तरफ था

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अनुसार प्रान्तीय स्तर पर विषयों में भ्रम की स्थिति में किसका स्पष्टीकरण, मत एवं निर्णय अंतिम होता था

भारत में गवर्नर के अधीन कितने प्रांतों में द्वैध शासन प्रणाली लागू की गयी थी

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अधीन प्रांतों में स्थापित होने वाली विधान परिषदें किस प्रकार की थीं

किस अधिनियम के द्वारा प्रांतीय विधान सभाओं के लिए पहली बार प्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रणाली अपनायी गयी थी

1919 के अधिनियम के तहत प्रान्तीय तथा कंन्द्रीय सरकार के बीच शक्ति विभाजन किया गया था

भारतीय संविधान में सरकार को एकात्मक से संघात्मक में परिवर्तित करने हेतु पृष्ठभूमि तैयार करने वाला कानून कौन–सा

1919 के अधिनियम के अंतर्गत प्रांतों में पृथक निर्वाचन क्षेत्रों की व्यवस्था किन वर्गों के लिए की गयी थी

1919 के अधिनियम के द्वारा प्रांतीय विधान परिषदों में दलित वर्ग, श्रमिक आदि का प्रतिनिधित्व देने के लिए व्यवस्था की गयी थी

किस अधिनियम द्वारा प्रतिवर्ष विधानमण्डल के समक्ष बजट प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य किया गया था

भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा प्रान्तीय विधानसभा का कार्यकाल निर्धारित किया गया था

1919 के अधिनियम के अंतर्गत प्रांतीय विधानसभा का सत्र बुलाने, स्थगित करने अथवा भंग करने की शक्ति निहित थी

किस प्रांत में द्वैध शासन प्रणाली ने संतोषजनक ढंग से कार्य किया था

भारत सरकार अधिनियम, 1919 में प्रांतीय विधान सभा के निर्वाचन हेतु मतदान की शर्ते किस प्रकार निर्धारित की गयी थी

प्रांतीय विधानमण्डलों को प्रांतीय विषयों पर विधि बनाने का अधिकार किस अधिनियम के द्वारा दिया गया था

‘मंत्री गवर्नर के प्रसाद पर्यन्त ही पद पर रह सकेगा’ यह व्यवस्था किस अधिनियम द्वारा दी गयी थी

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अंतर्गत गवर्नर द्वारा अध्यादेश जारी किये जाने हेतु वांछित शर्त क्या थी

किस अधिनियम द्वारा केन्द्र में प्रथम चार द्विसदनीय विधानसभा स्थापित की गयी थी

वह अधिनियम जिसके द्वारा प्रथमतः राज्यसभा स्थापित की गयी थी

1919 के अधिनियम द्वारा भारत सचिव की परिषद की संख्या पुनर्निधारित की गयी थी

1919 के अधिनियम द्वारा गवर्नर जनरल की कार्यकारिणी में भारतीय सदस्यों की संख्या पुनर्निर्धारित की गयी थी

1919 के अधिनियम के अनुसार किन विषयों पर भारतीय परिषद (Indian council) का मत अतिआवश्यक था

किस अधिनियम द्वारा लंदन में भारत के उच्चायुक्त के कार्यालय का सुजन किया गया

1919 के अधिनियम द्वारा स्थापित राज्यसभा का कार्यकाल निश्चित किया गया था

1919 के अधिनियम के अनुसार विधानसभा में कौन–सा प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य था

‘भारत का गवर्नर जनरल राज भी करता है, और शासन भी’ यह कथन संबंधित है

किसने कहा था कि 1919 का अधिनियम भारतीयों के लिए बेडियों का नया जाल था

किसका कथन है कि चेम्सफोर्ड सुधार भारत के आर्थिक शोषण तथा उस परतंत्र बनाये रखने की प्रक्रिया के ही अंग थे

किस अधिनियम द्वारा प्रावधान किया गया कि केन्द्रीय बजट एवं प्रांतीय बजट अलग–अलग पेश होंगे

किस अधिनियम के द्वारा पहली बार एक ‘लोक सेवा आयोग’ की स्थापना की गई थी

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अधीन केन्द्रीय सरकार में विहित विषय थे

भारत सरकार अधिनियम, 1919 के अधीन प्रांतीय सरकार में निहित विषय थे

1919 के अधिनियम का किन लोगों द्वारा स्वागत किया गया था

‘मुडीमैन समिति’ किस लिए गठित की गयी थी

भारत शासन अधिनियम, 1935 की प्रमुख विशेषता क्या है

भारत शासन अधिनियम, 1935 के अंतर्गत अवशिष्ट शक्तियाँ केन्द्रित थीं

किस अधिनियम के द्वारा अंग्रेजों ने ‘अखिल भारतीय संघ’ शब्द प्रस्तावित किया था

भारत शासन अधिनियम, 1935 में विषयों को विभाजित किया गया था

भारत में उत्तरदायित्वपूर्ण शासन की स्थापना के संदर्भ में अंतिम महत्त्वपूर्ण अधिनियम कौन–सा था

ब्रिटिश संसद ने भारत शासन अधिनियम, 1935 कब पारित किया था

किस अधिनियम के द्वारा संघीय न्यायालय की स्थापना का प्रावधान किया गया था

किस अधिनियम द्वारा भारत को लिखित संविधान देने का प्रयास किया गया था

भारत शासन अधिनियम, 1935 में ब्रिटिश भारत से संबंधित कुल अनुच्छेद तथा अनुसूचियाँ थी

वह अधिनियम जिसके द्वारा भारत में संघात्मक सरकार स्थापित की गयी थी

1935 के अधिनियम में अखिल भारतीय संघ में सम्मिलित होना किसके लिए अनिवार्य था

1935 के अधिनियम में अखिल भारतीय संघ में सम्मिलित होना एच्छिक था

भारत शासन अधिनियम, 1935 के अंतर्गत केंद्रीय तथा प्रांतीय सरकारों के मध्य वैधानिक शक्तियों के विभाजन हेतु कितनी सूचियाँ बनायी गयीं थी

1935 के अधिनियम के अंतर्गत संधीय सूची में रखे गये प्रमुख विषय थे

भारत शासन अधिनियम, 1935 के अंतर्गत किसी भी सूची में उल्लिखित नहीं किये गये विषय के संदर्भ में विधि–निर्माण का अधिकार किसे दिया गया

भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अंतर्गत केन्द्रीय कार्यपालिका के आरक्षित विषयों का प्रशासन किया जाता था

1935 के अधिनियम के अनुसार केन्द्रीय कार्यपालिका के हस्तांतरित विषयों का प्रशासन किया जाता था

भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अधीन संघ में सम्मिलित होने वाली सभी रियासतों के शासक के लिए अनिवार्य था

भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अनुसार गवर्नर जनरल (वायसराय) की नियुक्ति की गयी थी

भारत सरकार अधिनियम, 1935 में मंत्रिमण्डल की बैठकों की अध्यक्षता का अधिकार किस प्रदान किया गया था

भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अनुसार, केन्द्रीय कार्यपालिका के आरक्षित विषयों के संदर्भ में गवर्नर जनरल किसक अधीन था

1935 के अधिनियम के अनुसार, केन्द्रीय मंत्रिमण्डल के सदस्यों की नियुक्ति तथा पदच्युति, केन्द्रीय विधानसभा का सत्र आहूत करना, विधेयकों पर स्वीकृति की घोषणा करने का अधिकार था

भारत शासन अधिनियम, 1935 के अधीन संघीय विधानमण्डल (व्यवस्थापिका) सदनीय थी

भारत सचिव के लिए अधिकतम 6 तथा न्यूनतम 3 परामर्शदाता नियुक्ति करने का प्रावधान किस अधिनियम के तहत किया गया था

भारत सरकार अधिनियम, 1935 में संशोधन अथवा परिवर्तन की शक्ति निहित थी

1935 के अधिनियम के अधीन प्रान्तीय क्षेत्र के प्रशासन का नियंत्रण किस दिया गया था

1935 के अधिनियम में मंत्रिमण्डल को किसके प्रति उत्तरदायी घोषित किया गया था

1935 के अधिनियम के तहत प्रान्तीय विधानसभा के कार्य संचालन संबंधी नियमों का निर्माण करता था

1935 के अधिनियम के अनुसार प्रान्तीय विधान सभा में अनुदान माँग रखने हेतु किसकी अनुमति आवश्यक थी

1935 के अधिनियम के द्वारा किन प्रान्तों में द्विसदनीय–विधानमण्डल की व्यवस्था की गयी थी

1935 के अधिनियम के अंतर्गत संघीय विधानमण्डल (केंद्रीय विधानसभा) के सदनों में प्रावधानित सदस्य संख्या थी

भारत सरकार अधिनियम, 1935 में निम्न सदन का कार्यकाल निर्धारित किया गया था

भारत सरकार अधिनियम, 1935 में अन्तर्निहित ‘अनुदेश प्रपत्र’ (इन्स्ट्रूमेंट ऑफ इन्स्ट्रक्शन्स) का भारत के संविधान में किस रूप में समाविष्ट किया गया है

1935 के अधिनियम के अनुसार, केंद्रीय विधायिका के दोनों सदनों में किसी विधेयक के संदर्भ में मतभेद की स्थिति में उसे सुलझाने के लिए किसके द्वारा दोनों सदनों का संयुक्त सत्र आहूत किया जा सकता था

1935 के अधिनियम द्वारा स्थापित होने वाले फेडरल न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या थी

1935 के अधिनियम के अंतर्गत स्थापित फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती थी

1935 के अधिनियम के अधीन स्थापित फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु निर्धारित की गयी थी

1935 के अधिनियम द्वारा स्थापित फेडरल न्यायालय को प्राप्त अधिकारिता थी

1935 के अधिनियम के अंतर्गत गठित फेडरल न्यायालय के निर्णयों के विरूद्ध अपील की जा सकती थी

1935 के अधिनियम के अधीन संघ तथा इसमें सम्मिलित इकाईयों के मध्य सांविधानिक विवादों के निपटारे हेतु किस न्यायालय की स्थापना की गयी थी

संघ सरकार द्वारा राज्यों को आदेश देने का विचार भारत के संविधान निर्माताओं ने किस अधिनियम से प्राप्त किया

किस वायसराय ने कहा था कि “भारत शासन अधिनियम, 1935 इसलिए पास किया गया, क्योंकि हम समझते थे कि भारत पर अंग्रेजी प्रभुत्व बरकरार रखने का यह सर्वोत्तम तरीका

“1919 का अधिनियम “भारतीयों के लिए बेड़ियों का नया जाल था”। यह कथन था

किस अधिनियम के द्वारा ‘संवैधानिक निरंकुशता का सिद्धांत’ प्रवृत किया गया था

किस अधिनियम के द्वारा वर्मा तथा अदन को भारत के शासन से पृथक कर दिया गया था

वर्ष 1935 के अधिनियम के बार में किसने कहा था कि “एक कार जिसमें ब्रेक तां है पर इंजन नहीं।”

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किस अधिनियम का “गुलामी का अधिकार पत्र या दासता का आज्ञा–पत्र” कहा था


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