उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान Part 4(Uttar Pradesh General Knowledge Part 4)

उत्तर प्रदेश राज्य का प्राकृतिक विभाजनगंगा का मैदान, भाबर तराई और दक्षिण का पर्वत पठार।
उत्तर प्रदेश में कंकड़ पत्थर व मोटे बालू से युक्त भूमि होती हैभाबर क्षेत्र की
उत्तर प्रदेश राज्य के सबसे उत्तरी भाग में एक पतली पट्टी के रूप में स्थित हैभाबर क्षेत्र
उत्तर प्रदेश प्राचीनतम भू-खण्ड भाग है एकगोंडवानालैंड का
उत्तर प्रदेश का निर्माण किस युग में हुआप्री-कैम्ब्रियन
उत्तर प्रदेश में समतल, नम व दलदली भूमि होती हैतराई क्षेत्र की
उत्तर प्रदेश में मैदानी क्षेत्र के नवीन कॉप निक्षेपों को कहा जाता हैखादर (कछार)
उत्तर प्रदेश में तराई क्षेत्र की मुख्य फसलें हैंधान व गन्ना
उत्तर प्रदेश में भांभर क्षेत्र से सटे दक्षिण में एक चौड़ी पट्टी के रूप में पू. से प. तक फैला हैतराई (तरीवाला) क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में यमुना के पूर्व व गंडक के पश्चिम में स्थित हैमैदानी क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में तराई क्षेत्र के उत्तर व बुन्देलखण्ड पठारी क्षेत्र के दक्षिण स्थित हैमैदानी क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में मैदानी क्षेत्र के पुराने कॉप निक्षेपों को कहा जाता हैबांगर
उत्तर प्रदेश में मैदानी क्षेत्र की ऊँचाई है80 से 300 मी.
उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा, रामगंगा, राप्ती व गंडक द्वारा लायी गई कॉप, कीचड़ व बालू से निर्मित हैमैदानी क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में खादर क्षेत्रों में नदियों द्वारा आवरण क्षय होने से बनते हैंबीहड़
उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक बीहड़ों का निर्माण हुआ हैचम्बल व यमुना तट पर
उत्तर प्रदेश में मैदानी क्षेत्र की मुख्य फसलें हैंगेहूं, धान, आलू
उत्तर प्रदेश में मैदानी क्षेत्र का ढाल उत्तर-पश्चिम से हैदक्षिण-पूर्व की ओर
उत्तर प्रदेश में पठारी पहाड़ी क्षेत्र की औसत ऊँचाई 300 मी. है लेकिन मिर्जापुर व सोनभद्र में कुछ पहाड़ियां हैलगभग 600 मी. ऊंची
उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कुछ भाग बघेलखण्ड का सम्मिलित हैसोनभद्र में
उत्तर प्रदेश  के कितने जिलों में पठारी पहाड़ी या बुन्देलखण्ड क्षेत्र का विस्तार है11 जिलों में
उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड या पहाड़ी-पठारी क्षेत्र की उत्तरी सीमा पर बहती हैगंगा-यमुना
उत्तर प्रदेश में विशाल मैदानी क्षेत्र के दक्षिण में झांसी-ललितपुर से सोनभद्र तक फैला हैपठारी पहाड़ी या बुन्देलखण्ड क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड या पहाड़ी-पठारी क्षेत्र की पश्चिमी सीमा पर बहती हैबेतवा नदी
उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड या पहाड़ी-पठारी क्षेत्र का ढाल हैउत्तर की ओर
उत्तर प्रदेश में विन्डम, टांडा, कुसेहरा व खड़ंजा जल प्रपात (फाल) हैंमिर्जापुर में
उत्तर प्रदेश में बुन्देलखण्ड या पहाड़ी-पठारी क्षेत्र की मुख्य फसले हैं।दलहन-तिलहन
उत्तर प्रदेश  का सर्वाधिक नम भूमि (वेटलैण्ड) क्षेत्र वाला जिलासोनभद्र (5.08%)
उत्तर प्रदेश  के कुल क्षेत्रफल के संदर्भ में नम भूमि (वेटलैण्ड) क्षेत्र का प्रतिशत है5.15%
उत्तर प्रदेश के सबसे कम नम भूमि वाले जिलेबागपत व हाथरस (0.18%)
उत्तर प्रदेश में मार्च से जून तक ग्रीष्म ऋतु
उत्तर प्रदेश में वर्ष भर में घटित होती हैंतीन ऋतुएँ (ग्रीष्म, वर्षा व शीत)
उत्तर प्रदेश में जलवायु  उत्तर प्रदेश की जलवायु मुख्य रूप से उष्ण प्रधान शीतोष्ण कटिबंधीय एवं मानसूनी है फिर भी ‘रातलीय विषमताओं और समुद्र तल से विभिन्न स्थानों की भिन्न-भिन्न ऊंचाइयां होने के कारण यहां की जलवायु में विषमता मिलती है।
उत्तर प्रदेश  का सबसे गर्म महीना हैजून
उत्तर प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में प्रदेश के उत्तरी भाग से दक्षिणी भाग तथा पूर्वी भाग से पश्चिमी भाग की ओर बढ़ने पर तापमान क्रमशःबढ़ता है
उत्तर प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में सर्वाधिक औसत तापमान रहता हैआगरा सहित बुन्देलखण्ड क्षेत्र का
उत्तर प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु में प्रदेश के दक्षिणी भाग (बुन्देलखण्ड) में अधिक तापमान होने का कारण हैकर्क रेखा का नजदीक होना
उत्तर प्रदेश में जुलाई से अक्टूबर तक रहती हैवर्षा ऋतु
उत्तर प्रदेश में होने वाली सम्पूर्ण वर्षा का 80 से 83% भाग होता हैपूर्वा (दक्षिण-पश्चिम मानसून) से
उत्तर प्रदेश में पूरब से पश्चिम व उत्तर से दक्षिण चलने पर वर्षा की मात्रा क्रमशघटती है
उत्तर प्रदेश में 10 जून 2019 को बांदा का: तापमान रिकार्ड किया गया था49.2°C
उत्तर प्रदेश में बंगाल की खाड़ी के मानसून को जाना जाता हैपूर्वा नाम से
उत्तर प्रदेश में पूर्वा से सर्वाधिक व सबसे कम वर्षा होती हैपूर्वी तराई व पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में
उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक और सबसे कम वर्षा वाले जिलेगोरखपुर (184.7 सेमी.), मथुरा (54.4 सेमी.)
उत्तर प्रदेश के विभिन्न भागों की औसत वार्षिक वर्षातराई क्षेत्र 150 सेमी., पूर्वी मैदानी क्षेत्र 112 सेमी, मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्र 94 सेमी, पश्चिमी मैदानी क्षेत्र 84 सेमी, दक्षिणी पहाड़ी पठारी क्षेत्र 91 सेमी (प्रदेश औसत-95 सेमी)
पूवीं उ.प्र. में वर्षा की सम्भावित अवधि 56 दिन है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हैमात्र 32 दिन
उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा वाला महीना हैजुलाई
उत्तर प्रदेश में शीत ऋतु में सबसे कम तापमान रहता हैउत्तर पश्चिम के जिलों में
उत्तर प्रदेश में शीत ऋतु में प्रदेश में उत्तर से दक्षिण बढ़ने पर तापमान क्रमशःबढ़ता है
उत्तर प्रदेश का सबसे ठण्डा महीना हैजनवरी
उत्तर प्रदेश में नवम्बर से फरवरी तक रहता है   शीत ऋतु


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