उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान Part 5(Uttar Pradesh General Knowledge Part 5)

उत्तर प्रदेश में कुल कृषि जलवायु क्षेत्र9
उत्तर प्रदेश में कुल मृदा समूह क्षेत्र8
उत्तर प्रदेश में कुल कृषि पारिस्थितिकीय क्षेत्र20
उत्तर प्रदेश में कुल मृदा समूह क्षेत्र8
उत्तर प्रदेश में कुल कृषि जलवायु क्षेत्र9
उत्तर प्रदेश के कुल कार्यशील जनसंख्या  में से कृषि क्षेत्र में संलग्न (2011)59.3%
उत्तर प्रदेश में कृषि योग्य बेकार भूमि (2021-22)369 हजार हे.
उत्तर प्रदेश में स्थायी चारागाह भूमि (2021-22)70 हजार हे.
उत्तर प्रदेश में वर्तमान परती क्षेत्र (2021-22)966 हजार हे.
उत्तर प्रदेश में खेती के अतिरिक्त अन्य उपयोग में आने वाली भूमि (2021-22)3015 हजार हे.
उत्तर प्रदेश राज्य का कुल प्रतिवेदित क्षेत्रफल (2021-22)23514 हजार हे.
उत्तर प्रदेश में अन्य परती क्षेत्र (2021-22)596 हजार हे.
उत्तर प्रदेश में शुद्ध बोया गया क्षेत्र (2021-22)161 लाख हे.
उत्तर प्रदेश में ऊसर और खेती के अयोग्य भूमि: (2021-22)392 हजार
उत्तर प्रदेश में अन्य वृक्षों, झाड़ियों आदि की भूमि (2021-22)237 हजार हे.
उत्तर प्रदेश में कुल बोया गया क्षेत्र (2019-20)268 लाख हेक्टेयर
उत्तर प्रदेश में नवीन कृषि गणना के अनुसार राज्य की सीमांत, लघु व वृहद आकार के जोतों का औसत आकार है क्रमुश0.38 हे., 1.39 हे., व 14.98 हे.  
उत्तर प्रदेश में नवीन कृषि गणना के अनुसार राज्य 0.73 हेक्टयेर में सभी वर्गों का औसत जोत आकार है0.73 हेक्टयेर (भारत का 1.08 हे.)
उत्तर प्रदेश में नवीनतम कृषि गणना राज्य के अनुसार राज्य के कुल क्रियाशील जोतों में सीमांत, लघु व वृहद आकार की जोतों का प्रतिशत है क्रमश80.18%, 12.63%, और 0.10%  
उत्तर प्रदेश में नवीन कृषि गणना के अनुसार उ.प्र. में क्रियाशील जोतों की कुल संख्या है23.82 मिलियन (देश में सर्वाधिक)  
उत्तर प्रदेश में नवीन व पुरानी जलोढ़ मृदा को कहा जाता है क्रमशःखादर व बांगर
उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना के मैदान में मुख्यतः पायी जाती है नवीन व प्राचीन जलोढ़ मृदा
उत्तर प्रदेश में स्थानीय भाषा में पुरानी जलोढ़, उपरहार, दोमट आदि कहा जाता है बांगर मृदा को
उत्तर प्रदेश में प्लीस्टोसीन युग से आज तक नदियों के निक्षेपों से बना हैगंगा-यमुना मैदान
उत्तर प्रदेश में स्थानीय भाषा में नई जलोढ़,  बलुआ, मटियार या मटियार दोमट कहा जाता हैखादर मृदा को
उत्तर प्रदेश में जलोढ़ मृदा में पोटाश एवं चूना की अधिकता होती, लेकिन कमी होती हैफास्फोरस, नाइट्रोजन व जैव तत्व की
उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना मैदान में कहीं-कहीं लवणीय या क्षारीय मृदाएं मिलती हैं, जिन्हें सामान्य भाषा में कहा जाता है ऊसर या बंजर या कल्लर या रेह
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी उत्तर प्रदेश व बुन्देलखण्ड में कहीं-कहीं मिलती हैकाली मृदा
उत्तर प्रदेश में मैदानी क्षेत्र में कुछ मात्रा में मरुस्थलीय मृदा पायी जाती हैमथुरा, आगरा आदि जिलों
उत्तर प्रदेश में लाल मृदा, परवा या पड़वा, मार या माड़, राकर या राकड़ व भोण्टा मृदा पायी जाती हैबुन्देलखण्ड क्षेत्र में
उत्तर प्रदेश में राज्य में सबसे अधिक शुष्क खेती क्षेत्र है बुन्देलखण्ड
उत्तर प्रदेश में रेंगुर, करेल व कपास मृदा के नाम से जाना जाता हैकाली मृदा को
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में सर्वाधिक बंजर भूमि वाला  जिला हैझाँसी
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में सर्वाधिक लवणीय/क्षारीय मृदा वाला जिला हैरायबरेली
उत्तर प्रदेश में जलीय अपरदन से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र हैंतराई व भाबर क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक अवनालिका अपरदन (जल से) वाला नदी क्षेत्र हैचंबल नदी क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में सर्वाधिक मृदा अपरदन होता हैजल से
उत्तर प्रदेश में कुशीनगर जनपद की मिट्टी को स्थानीय भाषा में कहा जाता है‘भाट’
उत्तर प्रदेश में अवनालिका अपरदन (जल से) से सर्वाधिक प्रभावित जिले क्रमशः हैंइटावा व आगरा
उत्तर प्रदेश में फसल चक्र अपनाने से कम से कम हानि होती हैउर्वराशक्ति की
उत्तर प्रदेश में राज्य में वायु अपरदन से सर्वाधिक प्रभावित जिले हैंमथुरा व आगरा
उत्तर प्रदेश में अवनालिका अपरदन के कारण बनते हैं  बीहड़
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में गेहूँ की सर्वाधिक उत्पादकता हैगंगा-घाघरा दोआब क्षेत्र की
उत्तर प्रदेश में अरहर, चना व अदरख की  सर्वाधिक खेती होती हैबुन्देलखण्ड क्षेत्र में
उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक क्षेत्र पर बोई जाने वाली फसल है* गेहूँ  
उत्तर प्रदेश में मूंग, चीना व लोबिया हैंजायद फसल
उत्तर प्रदेश में अफीम की खेती की जाती हैबाराबंकी व गाजीपुर
उत्तर प्रदेश में मूंगफली उत्पादन का विशेष क्षेत्र है रुहेलखण्ड क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में चावल उत्पादन के विशेष क्षेत्र हैंतराई व पूर्वी उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में रुहेलखण्ड, गंगा-यमुना दोआब  में की जाती हैथोड़ी मात्रा में कपास की खेती
उत्तर प्रदेश में राज्य में गन्ना उत्पादक कुल परिक्षेत्र हैं  09
उत्तर प्रदेश में राज्य में गन्ना उत्पादक कुल जिले हैं44
उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन के विशेष क्षेत्र हैंतराई व मेरठ के निकटवर्ती क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में प्रदेश की सर्वाधिक महत्वपूर्ण नकदी फसल हैगन्ना
उत्तर प्रदेश में राज्य में कुल गन्ना विकास परिषदें हैं152
उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक कृषि श्रम उत्पादकता वाला क्षेत्र हैपश्चिमी उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में लंगड़ा आम का विशेष क्षेत्र हैवाराणसी
उत्तर प्रदेश में कपास उत्पादन के विशेष क्षेत्र हैंगंगा-यमुना दोआब व रुहेलखण्ड
उत्तर प्रदेश में राज्य में कुल सहकारी गन्ना विकास समितियां हैं169
उत्तर प्रदेश में दशहरी आम का विशेष क्षेत्र है मलीहाबाद (लखनऊ)
उत्तर प्रदेश में सफेदा व चौसा आम का विशेष क्षेत्र हैसहारनपुर
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में आम निर्यातक जोन हैं लखनऊ व सहारनपुर
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में उत्पादित आम को दूसरे प्रदेशों में बेचा जाता हैनवाब ब्राण्ड नाम से
उत्तर प्रदेश में स्टेम आम का उत्पादन करते हैंसहारनपुर, मेरठ  
उत्तर प्रदेश का सर्वाधिक आंवला उत्पादक जिला हैप्रतापगढ़
उत्तर प्रदेश में अमरुद के लिए प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र हैप्रयागराज
उत्तर प्रदेश में निर्यातक प्रजाति के अमरुद उत्पादन का विशेष क्षेत्र हैप्रयागराज-कौशाम्बी
उत्तर प्रदेश में संतरा उत्पादक क्षेत्र हैंसहारनपुर क्षेत्र व बुन्देलखण्ड क्षेत्र
उत्तर प्रदेश में चिरौंजी उत्पादक जिले हैंसोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, ललितपुर व झांसी आदि
उत्तर प्रदेश में लीची उत्पादक जिले हैंसहारनपुर, शामली, मेरठ मुजफ्फरनगर आदि
उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादन के विशेष क्षेत्र हैंआगरा, अलीगढ़, कानपुर, मेरठ व बरेली मण्डल
उत्तर प्रदेश में आलू निर्यातक जोन हैआगरा
उत्तर प्रदेश में आलू का निर्यात किया जाता हैताज ब्राण्ड नाम से
देश में सर्वाधिक कोल्ड स्टोर हैंउत्तर प्रदेश में
उत्तर प्रदेश में केन्द्र सरकार द्वारा केले के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रस्तावित हैभटहट, गोरखपुर
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में सब्जी निर्यातक जोन के रूप में उभर रहा हैवाराणसी
उत्तर प्रदेश राज्य के सुर्खा अमरुद (प्रयागराज), दशहरी आम (मलीहाबाद लखनऊ), काला नमक चावल (सिद्धार्थनगर), बासमती चावल (पश्चिमी यूपी), रटौल आम (बागपत) व देशावरी पान (महोबा) आदि 6 कृषि उत्पादों को प्राप्त हैंजीआई टैग
उत्तर प्रदेश में बरई मानपुर (बांदा) व पाली  (ललितपुर) प्रसिद्ध हैंपान के लिए
उत्तर प्रदेश में पान के लिए विशेष प्रसिद्ध जिला हैमहोबा
उत्तर प्रदेश में पान की खेती कितने जिलों में की जाती है24 जिलों में
भारत के कुल मेंथा आयल उत्पादन का लगभग 3/4 भाग उत्पादित होता हैउत्तर प्रदेश में

उत्तर प्रदेश में दुग्ध विकास

उत्तर प्रदेश में देश व प्रदेश का प्रथम नियमित दुग्ध संघ1937, लखनऊ में
उत्तर प्रदेश में राज्य दुग्ध परिषद की स्थापना की गई1976 में
उत्तर प्रदेश में प्रादेशिक कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन की स्थापना की गई1962 में
उत्तर प्रदेश में दुग्ध नीति प्राख्यापित की गई हैं2018 में  
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में दुग्ध समितियाँ है8619 (2022-23)
उत्तर प्रदेश में गोपालन को बढ़ावा देने हेतु 1999 में स्थापित की गई हैउत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग की
उत्तर प्रदेश में भैंस या किसी भी नस्ल की गायों के सर्वाधिक दुग्ध उत्पादकों हेतु हैगोकुल पुरस्कार
उत्तर प्रदेश में देशी नस्ल की गायों से सर्वाधिक दुग्ध उत्पादकों हेतु हैनन्द बाबा पुरस्कार
उत्तर प्रदेश राज्य में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता  426 ग्राम/दिन(2022-23) (भारत 459 ग्राम/दिन)

उत्तर प्रदेश में नदी तंत्र, झील, सिंचाई व भूगर्भ जल

उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ हैंगंगा, यमुना, रामगंगा, गोमती और घाघरा
उत्तर प्रदेश में सरकारी तौर पर प्रदेश को 8 नदी बेसिन में बांटा गया हैगंगा, यमुना, रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, राप्ती व सोन बेसिन
उत्तर प्रदेश में सोन (स्वर्ण), बेतवा (वेत्रवती), केन (कर्णवती), टोंस (टमस), चम्बल, सिन्ध (काली सिन्ध), कन्हार, बेलन, रिहन्द, चन्द्रप्रभा, सजनम, बिरमा आदि हैंपठारी नदियां
उत्तर प्रदेश में गोमती (गोमल), बरूणा, सई, तमसा, पाण्डो, आमी, ईसन, कर्मनाशा आदि हैंमैदानी नदियां
उत्तर प्रदेश में गंगा (जान्हवी, भागीरथी), यमुना (कालिन्दी, सूर्यपुत्री), गंडक (शालीग्रामी, नारायणी), शारदा (काली, महाकाली), घाघरा (करनाली), सरयू (बाशिष्टी, देविका, रामप्रिया), राप्ती, बूढ़ी राप्ती, रोहिणी, रामगंगा (रथवाहिनी), हिंण्डन (हरनंदी), अरिजकोशी, बाणगंगा आदि हैंहिमालयी नदियां  
उत्तर प्रदेश में गंगा ज्यादा प्रदूषित होती हैकन्नौज से वाराणसी तक
उत्तर प्रदेश में गंगा रिवर बेसिन मैनेजमेंट एंड स्टडीज सेंटर की स्थापना की गई हैआइआइटी कानपुर में  
उत्तर प्रदेश की सबसे लम्बी नदी गंगा की उत्तर प्रदेश में लम्बाई हैलगभग 1450 किमी.  
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में गंगा नदी बहती है27 जिलों से होकर
उत्तर प्रदेश में राज्य में सर्वाधिक (133 किमी.) गंगा तट वाला जिला हैबदायूं  
उत्तर प्रदेश में रामगंगा, यमुना, टोंस (विंध्य क्षेत्र), वरूणा, अस्सी, गोमती, सरयू (घाघरा), गंडक, कोसी, कर्मनाशा, बागमती आदि हैंगंगा की सहायक नदियां
केन्द्र सरकार ने गंगा को राष्ट्रीय नदी का दर्जा दिया4 नव. 2008 को
उत्तर प्रदेश में टोंस (हिमालयी क्षेत्र), गिरी, आसन, हिन्डन, सिन्ध, चंबल, बेतवा, केन, मंदाकिनी आदि हैंयमुना की सहायक नदियां
उत्तर प्रदेश में राज्य की अत्यधिक प्रदूषित नदियां हैंहिन्डन, यमुना, आमी गोमती आदि
उत्तर प्रदेश में यमुना नदी बहती है20 जिलों से होकर
उत्तर प्रदेश में यमुना सर्वाधिक प्रदूषित होती हैदिल्ली से आगरा तक
उत्तर प्रदेश में रिवर फ्रन्ट डेवलपमेन्ट परियोजना चलाई जा रही हैलखनऊ में गोमती नदी पर
उत्तर प्रदेश में लंदन के टेम्स की तरह गोमती नदी का चैनेलाईजेशन व सौन्दर्याकरण किया जा रहा हैलखनऊ में
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर की आमी, ललितपुर की ओडी, पीलीभीत की गोमती तथा अयोध्या की तमसा आदि नदियों को किया जा रहा हैपुनर्जीवित  
उत्तर प्रदेश में गोमती नदी की सहायक नदियां हैंसई, गिरि, कल्याणी, बरना, कुकरैल, जोमकाई एवं गचाई
उत्तर प्रदेश में वरुणा नदी का चैनलाइजेशन एवं तटीय विकास किया जा रहा हैवाराणसी में
उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी की सहायक नदियां हैराप्ती, करनाली, बेरी, शिख, सेटी, छोटी गंडक एवं टीला

उत्तर प्रदेश में नदियों के तटवर्ती नगर

उत्तर प्रदेश में बिजनौर, हस्तिनापुर (मेरठ), गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़), अनूपशहर (बुलन्द.), नरौरा (बुलन्द.), बबराला (संभल), कछलाघाट (बदायूं), कांपिल्य, फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद), बिल्लौर (कानपुर नगर), बिठूर (कानपुर (प्रतापगढ़), श्रृंगवेरपुर (प्रयाग.), प्रयागराज, सिरसा (प्रयाग), मिर्जापुर, चुनार (मिर्जापुर), वाराणसी, सैदपुर नगर), कानपुर नगर, बक्सर (उन्नाव), डलमऊ (रायबरेली), कालाकांकर (गाजीपुर), गाजीपुर, शेरपुर (बलिया) आदि नगर हैंगंगा के तट पर  
उत्तर प्रदेश में आगरा, बटेश्वर (आगरा), इटावा, बागपत, वृन्दावन (मथुरा), मथुरा, काल्पी (जालौन), हमीरपुर, कौशांबी व प्रयागराज आदि नगर हैंयमुना के तट पर।  
उत्तर प्रदेश में अयोध्या नगर, अयोध्या धाम, गोला, बरहलगंज, दोहरीघाट, बरहज आदि नगर हैंसरयू तट पर  
उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद व बरेली नगर हैं  रामगंगा तट पर
उत्तर प्रदेश में मिश्रिख (सीतापुर), लखनऊ, सुल्तानपुर, जौनपुर आदि नगर हैंगोमती तट पर
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर नगर स्थित हैराप्ती व रोहिणी नदी संगम पर
उत्तर प्रदेश में मगहर नगर (सं.क.न.) स्थित हैआमी नदी तट पर
उत्तर प्रदेश में वाराणसी नगर स्थित हैवरूणा व अस्सी नदियों के मध्य तथा गंगा के बायें तट पर
उत्तर प्रदेश में बांदा नगर स्थित हैकेन नदी तट पर
उत्तर प्रदेश में देवगढ़ (ललितपुर)बेतवा नदी
उत्तर प्रदेश में हमीरपुर नगर स्थित हैबेतवा व यमुना नदी संगम पर
उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ नगर स्थित हैसई नदी तट पर
उत्तर प्रदेश में चित्रकूट नगर स्थित हैपयस्विनी या मंदाकिनी नदी तट पर०
उत्तर प्रदेश में सोनभद्र नगर स्थित हैसोन नदी तट पर
उत्तर प्रदेश में कासगंज एवं अतरंजीखेड़ा नगर स्थित हैकाली नदी तट पर
उत्तर प्रदेश में मेरठ, गाजियाबाद, नोयडा तथा ग्रेटर नोयडा शहर स्थित हैंहिंडन नदी तट पर

उत्तर प्रदेश में नदियों का प्रवेश, निकास व मिलन

उत्तर प्रदेश में रामगंगा, गंगा में मिलती हैकन्नौज के निकट
उत्तर प्रदेश में रामगंगा नदी का प्रवेश होता हैबिजनौर जिले में
उत्तर प्रदेश में राज्य में गंगा का प्रवेश व निकास होता है क्रमशःबिजनौर व बलिया जिलों में
उत्तर प्रदेश में काली नदी, गंगा में मिलती हैकन्नौज के निकट
उत्तर प्रदेश में बूंढ़ी गंगा, गंगा में मिलती हैबदायूं में
उत्तर प्रदेश में बड़ी गंडक या गंडक या शालीग्रामी या नारायणी यूपी बार्डर पर बहते हुए गंगा में मिलती हैपटना के पास  
उत्तर प्रदेश में यमुना नदी का प्रवेश व समापन होता है क्रमशःसहारनपुर व प्रयागराज में
उत्तर प्रदेश में छोटी गंडक नदी का प्रवेश व निकास होता है क्रमशःमहराजगंज व देवरिया जिलों में  
उत्तर प्रदेश में कर्मनाशा नदी निकलती हैकैमूर पहाड़ी से
उत्तर प्रदेश में कर्मनाशा नदी सीमा बनाती हैउ.प्र. और बिहार की
उत्तर प्रदेश में शारदा (काली) नदी का प्रवेश होता हैपीलीभीत जिले में
उत्तर प्रदेश में शारदा नदी, सरयू (घाघरा) में मिलती हैसीतापुर में बासरा के पास
उत्तर प्रदेश में म.प्र. से आने वाली चम्बल नदी का राज्य में प्रवेश होता हैइटावा जिले में  
उत्तर प्रदेश में सरकारी अभिलेखों में चंदापुर किटौली: (गोंडा) से खेलगंज (बिहार) तक घाघरा का नाम बदलकर सरयू किया गया हैजन. 2020 में  
उत्तर प्रदेश में चम्बल (चरमवाती) नदी, यमुना में मिलती हैपंचनदा (इटावा बार्डर)  
उत्तर प्रदेश में गंगा यमुना के मध्य प्रवाहित होने वाली हिंडन (हरनंदी) नदी, यमुना में मिलती हैनोएडा के पास
उत्तर प्रदेश में म.प्र. से आने वाली सिंध नदी का यमुना में मिलन होता हैपंचनदा (इटावा बार्डर)  
उत्तर प्रदेश में म.प्र.  से आने वाली बेतवा (बेत्रवती) नदी का राज्य में प्रवेश होता हैललितपुर में
उत्तर प्रदेश में ककरावल जल प्रपात स्थित हैललितपुर में
उत्तर प्रदेश में बेतवा (बुन्देलखण्ड की गंगा) यमुना में मिलती हैहमीरपुर के पास
उत्तर प्रदेश में गोमती गंगा में मिलती हैकैथी के निकट, गाजीपुर
उत्तर प्रदेश में गोमती नदी निकलती हैफुल्हर या गोमत झील, पीलीभीत से
उत्तर प्रदेश में केन, यमुना में मिलती हैभोजहा (बांदा) के पास
उत्तर प्रदेश में म.प्र. से आने वाली केन (कर्णवती) नदी का राज्य में प्रवेश होता हैबांदा जिले में
उत्तर प्रदेश में सई नदी निकलती हैभिजवान झील, हरदोई से
उत्तर प्रदेश में सई नदी, गोमती से मिलती हैराजघाट, जौनपुर में
उत्तर प्रदेश में राज्य में बाढ़ संवेदनशील जिलों की संख्या (i) अति गंभीर प्रभावित जिले (Extra Sensitive) (ii) गंभीर प्रभावित जिले (Sensitive)  40   (i) 23 (ii) 17
उत्तर प्रदेश में म.प्र. से आने वाली सोन नदी का राज्य में प्रवेश व राज्य से निकास होता हैसोनभद्र जिले में
उत्तर प्रदेश में म.प्र. से आने वाली टोंस नदी का गंगा से मिलन होता हैसिरसा के पास, प्रयागराज में
उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रवण कुल क्षेत्रफल73.30 लाख हे.  

उत्तर प्रदेश में कृषि योजनाएँ/कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश में जमींदारी उन्मूलन कानून, लागू हुआ1 जुलाई 1952 से
उत्तर प्रदेश में अधिकतम जोत सीमा आरोपण  अधिनियम (सीलिंग कानून)1960 से
उत्तर प्रदेश में चकबन्दी योजना चलाई जा रही है1954 से
उत्तर प्रदेश में एन्टी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन हुआ8 मई 2017 को
उत्तर प्रदेश में आइटीसी कंपनी द्वारा प्रदेश के 51जिलों में स्थापित की गई है  2000 ई-चौपालों की
उत्तर प्रदेश में प्रदेश में राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की स्थापना की गई1973 में
उत्तर प्रदेश में प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय मंगलवार को तहसील (सम्पूर्ण समाधान) दिवस व्यवस्थामई 2012 से
देशभर में कुल 731 कृषि विज्ञान  केन्द्र हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में89 (मार्च 2024)
वर्तमान उत्तर प्रदेश में विनियमित मण्डियां हैं251 (फरवरी, 2025)
उत्तर प्रदेश में मण्डी परिषद के तहत वर्तमान में  प्रदेश मे क्रियाशील हैं4 किसान बाजार
उत्तर प्रदेश में किसान क्रेडिट कार्ड योजना प्रारम्भ हुई1998 से
उत्तर प्रदेश में किसान बही योजना शुरू हुई1992 से
उत्तर प्रदेश में किसान मित्र योजना (कृषि सम्बंधी जानकारी हेतु)18 जून 2001 से
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय कृषि व मौसम आधारित  फसल बीमा योजना14 फरवरी 2014 से
उत्तर प्रदेश में पूर्वी उ.प्र. में हरित क्रांति की विस्तार उपयोजना2010-11 से
उत्तर प्रदेश में सोडिक लैन्ड रिक्लेमेशन परियोजना-III (32 जिलों में ऊसर सुधार + 12 जिलों में बीहड़ सुधार)2009 से 2018 तक
उत्तर प्रदेश में आम आदमी बीमा योजना (18-59   वर्ष भूमिहीन मुखिया)1 नवंबर 2008 से
उत्तर प्रदेश में2014-15 से एकीकृत बागवानी  विकास मिशन योजना चल रही है45 जिलों में
उत्तर प्रदेश में नई उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 अनुमोदित की गईजन. 2023 में
उत्तर प्रदेश आलू विकास नीति प्राख्यापित की गई 2014 में
उत्तर प्रदेश में किसान पाठशाला योजना (किसानों को शिक्षित व जागरूक बनाकर उनकी आय वृद्धि हेतु)दिसम्बर 2017 से
उत्तर प्रदेश में जैविक खेती हेतु मॉडल के रूप में चयनित जिला हैहमीरपुर
उत्तर प्रदेश में राज्य में जैविक खेती हेतु क्लस्टर आधारित प्रोत्साहन दिया जा रहा है49 जिलों में
उत्तर प्रदेश में कृषकों की आय दोगुनी करने की रणनीति के तहत कृषि उत्पादकता के आधार पर प्रदेश के जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया हैविकसित  (19 जिले) विकासशील (40 जिले ) व कम विकसित ( (16 जिले)
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 तक कृषकों की आय दोगुना करने हेतु कार्यवाही की जा रही है8 सूत्री रणनीति पर
उत्तर प्रदेश में जैविक उत्पादों की गुणवत्ता जांच हेतु प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैंमेरठ व वाराणसी में
उत्तर प्रदेश में किसानों की आय दो गुनी करने हेतु राज्य में पहली बार 26 से 28 अक्टू. 2018 तक आयोजित किया गयाअन्तर्राष्ट्रीय स्तर का कृषि कुंभ
उत्तर प्रदेश में बंजर व बीहड़ उपचार हेतु गौ.बु.न. जिले को छोड़कर राज्य के 74 जिलों में ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना’ संचालित है2022-23 से 2026-27
उत्तर प्रदेश में कृषकों की आय दोगुना करने हेतु 10 नव. 2017 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित किया गया थाकिसान समृद्धि आयोग

उत्तर प्रदेश के प्रमुख झीलें/ताल/कुण्ड

उत्तर प्रदेश में नवाबगंज झील, कुन्द्रा समुन्दरउन्नाव
उत्तर प्रदेश में करेला व इतौजा झील लखनऊ
उत्तर प्रदेश में रामगढ़ताल व चिलुवातालगोरखपुर
उत्तर प्रदेश में बखिराझीलसंत कबीर नगर
उत्तर प्रदेश में भुगेताल, विसैथाताल एवं समसपुर झीलरायबरेली
उत्तर प्रदेश में जिगों व सिरसी जलाशय, टाण्डा दरी ताल (दरारगर्त)मिर्जापुर
उत्तर प्रदेश में पार्वती व अरगा तालगोण्डा
उत्तर प्रदेश में पयाग झील व चितौरा झीलबहराइच
उत्तर प्रदेश में बड़ाताल (गौखुर)शाहजहाँपुर
उत्तर प्रदेश में लीलौर झीलबरेली
उत्तर प्रदेश में ठिठौरा झील, मोराय तालफतेहपुर
उत्तर प्रदेश में बेंती, अजगरा व नइया झीलप्रतापगढ़
उत्तर प्रदेश में सुरहा तालबलिया
उत्तर प्रदेश में गौर झीलरामपुर
उत्तर प्रदेश में रामतालमेरठ
उत्तर प्रदेश में कीठम ताल/सूरसरोवरआगरा
उत्तर प्रदेश में शुक्रतालमुजफ्फरनगर
उत्तर प्रदेश में मोती झीलकानपुर
उत्तर प्रदेश में शेखा झील (राष्ट्रीय पक्षी विहार के रूप में विकासाधीन)अलीगढ़
उत्तर प्रदेश में गोबिन्द बल्लभ पंत सागर (कृत्रिम झील)सोनभद्र
उत्तर प्रदेश में अलवारा झील (विदेशी पक्षियों का आगमन स्थल)कौशाम्बी
उत्तर प्रदेश में आँधी ताल (लहरतारा तालाब)वाराणसी
उत्तर प्रदेश में सागर तालबदायूं
उत्तर प्रदेश में लक्ष्मीताल, बरूआसागर, भसनेह जलाशय व गढमऊझांसी
उत्तर प्रदेश में बल्हापाराकानपुर
उत्तर प्रदेश में दरवन झीलअम्बेडकर नगर
उत्तर प्रदेश में राजा का बांध, लौंधी व भोजपुर तालसुल्तानपुर
उत्तर प्रदेश में मदन सागर, बेला सागर (कृत्रिम झील)महोबा
उत्तर प्रदेश में पन्गैली फुल्हर या गोमत ताल (गोमती नदी उद्गम)पीलीभीत
उत्तर प्रदेश में दहर झील, भिजवान झील (सई नदी उद्गम)हरदोई
उत्तर प्रदेश में देवरिया तालकन्नौज
उत्तर प्रदेश में दार्शनिक कुण्ड (मिश्रिख), चक्र कुण्ड (नैमिष) सीतापुर
उत्तर प्रदेश में सीताकुण्ड, भरत कुण्डअयोध्या धाम
उत्तर प्रदेश में राधा कुण्ड, श्याम कुण्ड, गोविन्द कुण्ड व मानसी गंगा कुण्ड, कुसुम सरोवरगोवर्धन, मथुरा
उत्तर प्रदेश में कोकिला कुण्ड, कृष्ण कुण्डकोकिला वन, मथुरा
उत्तर प्रदेश में नौह झीलमथुरा
उत्तर प्रदेश में सौज झीलमैनपुरी
उत्तर प्रदेश में भीखा व सरसई नावर झील इटावा

उत्तर प्रदेश  के रामसर स्थल (Site)

आर्द्र भूमि संरक्षण के लिए रामसर समझौता हुआ1971; ईरान में
उत्तर प्रदेश में कुल रामसर स्थल है10 (2 फर. 2025 तक)
उत्तर प्रदेश में प्रदेश का पहला रामसर स्थल हैऊपरी गंगा नदी (बृज-घाट से नरौरा तक; 2005)
उत्तर प्रदेश का नवीनतम (10वाँ) रामसर स्थल हैबखिरा वन्यजीव अभ्यारण्य (संत कबीर नगर)

उत्तर प्रदेश में प्रमुख बांध परियोजनाएँ

उत्तर प्रदेश में राजघाट परियोजना का परिवर्तित नाम हैरानी लक्ष्मीबाई परियोजना
उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की किस नदी पर उ.प्र. व म.प्र. की 1975 में उ‌द्घाटित व 1999 में लोकार्पित संयुक्त राजघाट बहुउद्देशीय बांध परियोजना निर्मित है ?बेतवा नदी  
उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले में पिपरी नामक स्थान  पर रिहन्द नदी पर निर्मित बहुउद्देशीय रिहन्द बांध परियोजना (गोविन्द बल्लभ पंत सागर) की स्थापना1962
उत्तर प्रदेश में चंदौली जिले में स्थित मुशाखंड बांध किस नदी पर निर्मित हैकर्मनाशा नदी
उत्तर प्रदेश में ललितपुर जनपद में स्थित गोविंद सागर बांध किस नदी पर है शहजाद नदी
उत्तर प्रदेश में झांसी में पारीछा एवं सुकमा डुकमा बांध का निर्माण किया गया हैबेतवा नदी पर
उत्तर प्रदेश में ललितपुर जिले में बेतवा नदी पर उ.प्र. व म.प्र. की 1958 में निर्मित संयुक्त परियोजना हैमाता टीला बांध
उत्तर प्रदेश में बेतवा नदी पर स्थित प्रमुख बांध  राजघाट बांध, माताटीला बांध एवं धुरवारा बांध (ललितपुर), पारीछा बांध, सुकमा डुकमा बांध (झांसी)
चंबल नदी पर निर्मित प्रमुख बांध हैराणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध एवं गांधी सागर बांध
उत्तराखण्ड के कालागढ़ में रामगंगा नदी पर स्थित रामगंगा बांध की ऊँचाई है128 मी.
उत्तर प्रदेश में बहराइच में सरयू बांध बनाया जा रहा हैसरयू नदी
उत्तर प्रदेश में गंडक परियोजना संयुक्त परियोजना हैउत्तर प्रदेश, बिहार एवं नेपाल

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