पैगम्बर मुहम्मद साहब का इतिहास |Paigambar Muhammad Sahab ka Itihas

पैगम्बर मुहम्मद साहब (570 – 632 ई.)For UPPCS,BPSC,MPPSC,HEO,SSC,RO ARO,LOWER PCS

प्रश्न : पैगम्बर मुहम्मद साहब की जीवनी ‘नाद-ए-मुहम्मदी’ को किसने संकलित (इकट्ठा) किया था?

उत्तर: जियाउद्दीन बरनी ने

सरल व्याख्या : जियाउद्दीन बरनी इतिहास के एक प्रसिद्ध लेखक थे, जिन्होंने पैगम्बर साहब के जीवन की कहानी को इस किताब में दर्ज किया था।

प्रश्न : मक्का कहाँ पर स्थित है?

उत्तर: सऊदी अरब में

सरल व्याख्या : मक्का इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र शहर माना जाता है, जो सऊदी अरब देश में स्थित है।

प्रश्न : पैगम्बर मुहम्मद के विषय में सही कथन हैं:

1.पैगम्बर मुहम्मद ने एक ही ईश्वर की प्रार्थना करने का उपदेश दिया था।

2.पैगम्बर मुहम्मद ने मतावलम्बियों के एक ही समुदाय की सदस्यता का उपदेश दिया था।

3.पैगम्बर मुहम्मद भाषा एवं संस्कृति से अरब के थे।

उत्तर: ये तीनों कथन सही हैं।

सरल व्याख्या : पैगम्बर साहब ने सिखाया कि ईश्वर (अल्लाह) एक है। उन्होंने अपने मानने वालों को आपस में मिलजुलकर एक समुदाय (भाईचारे) में रहने को कहा। वे खुद अरब के रहने वाले थे, इसलिए उनकी भाषा और रहन-सहन अरबी था।

प्रश्न : पैगम्बर मुहम्मद साहब के कथन व कार्य क्या कहलाते हैं?

उत्तर: हदीस

सरल व्याख्या : पैगम्बर मुहम्मद साहब ने जीवन में जो बातें कहीं और जो काम किए, उनके संग्रह (रिकॉर्ड) को इस्लाम में ‘हदीस’ कहा जाता है।

 जन्म (Birth)

प्रश्न : पैगम्बर हजरत मुहम्मद का जन्म कब हुआ था?

उत्तर: 570 ई. में

सरल व्याख्या : इस्लाम धर्म की शुरुआत करने वाले पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म साल 570 में मक्का (जो आज सऊदी अरब में है) में हुआ था। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म रबी-उल-अव्वल महीने की 12 तारीख को हुआ था।

मृत्यु (Death)

प्रश्न : पैगम्बर हजरत मुहम्मद की मृत्यु कब और कहाँ हुई थी?
उत्तर: 8 जून, 632 ई. को, मदीना में
सरल व्याख्या : इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब की मृत्यु 8 जून, 632 ईस्वी को मदीना (सऊदी अरब) में हुई थी। मृत्यु के समय उनकी आयु लगभग 63 वर्ष थी और उन्हें मदीना में ही दफनाया गया था।

ज्ञान प्राप्ति (Prophethood)

प्रश्न : पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब को ज्ञान की प्राप्ति कब और कहाँ हुई थी?
उत्तर : 610 ई. में, हीरा (Hira) नामक गुफा में
सरल व्याख्या : मुहम्मद साहब को 40 वर्ष की आयु में मक्का के पास स्थित ‘हीरा’ नाम की गुफा में अल्लाह के दूत (फरिश्ते) जिब्रील के माध्यम से पहला संदेश (ज्ञान) प्राप्त हुआ था। इसी घटना के बाद उन्होंने इस्लाम धर्म का प्रचार शुरू किया।

हिजरत / मक्का से मदीना यात्रा (Hijrat)

प्रश्न : पैगम्बर मुहम्मद साहब ने मक्का से मदीना की यात्रा कब की थी, जिसे इस्लामिक कैलेंडर की शुरुआत माना जाता है?
उत्तर : 24 सितंबर, 622 ई. को
सरल व्याख्या : मक्का में विरोध के कारण मुहम्मद साहब ने अपने अनुयायियों के साथ मदीना के लिए प्रस्थान किया था। इस ऐतिहासिक यात्रा को ‘हिजरत’ कहा जाता है। इसी वर्ष से मुस्लिम कैलेंडर यानी ‘हिजरी संवत’ की शुरुआत हुई थी।

माता-पिता (Parents)

प्रश्न : पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब के माता और पिता का क्या नाम था?
उत्तर : माता का नाम अमीना और पिता का नाम अब्दुल्लाह
सरल व्याख्या : मुहम्मद साहब के पिता अब्दुल्लाह का निधन उनके जन्म से पहले ही हो गया था, और जब वे केवल 6 वर्ष के थे, तब उनकी माता अमीना का भी निधन हो गया। इसके बाद उनका पालन-पोषण उनके दादा अबू तालिब और चाचा ने किया।

बद्र की लड़ाई (Battle of Badr)

प्रश्न : इस्लाम के इतिहास का पहला और सबसे महत्वपूर्ण युद्ध कौन सा था और यह कब लड़ा गया?
उत्तर : बद्र की लड़ाई, 624 ई. (2 हिजरी) में
सरल व्याख्या : मक्का के कुरैश कबीले और मदीना के मुसलमानों के बीच बद्र के मैदान में यह ऐतिहासिक लड़ाई हुई थी। इस युद्ध में मुसलमानों की संख्या बहुत कम (लगभग 313) होने के बावजूद उनकी जीत हुई, जिसने इस्लाम की नींव को मजबूत किया।

पहला विवाह (First Marriage)

प्रश्न : पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब का पहला विवाह किसके साथ और कितनी उम्र में हुआ था?
उत्तर : बीबी खदीजा के साथ, 25 वर्ष की उम्र में
सरल व्याख्या : मुहम्मद साहब का पहला विवाह एक समृद्ध और सम्मानित व्यापारिक महिला बीबी खदीजा के साथ हुआ था, जो उम्र में उनसे 15 वर्ष बड़ी (40 वर्ष की) थीं। बीबी खदीजा ही इस्लाम स्वीकार करने वाली दुनिया की पहली महिला भी थीं।

अंतिम उपदेश (The Farewell Sermon)

प्रश्न : पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब ने अपना अंतिम और प्रसिद्ध उपदेश (खुतबा) कहाँ और कब दिया था?
उत्तर : अराफात के मैदान (मक्का) में, 632 ई. (10 हिजरी) में
सरल व्याख्या : अपनी अंतिम हज यात्रा (विदाई हज) के दौरान उन्होंने ‘जबल अल-रहमा’ (अराफात की पहाड़ी) पर हजारों अनुयायियों को संबोधित किया था। इस उपदेश में उन्होंने समानता, महिलाओं के अधिकारों और नस्लवाद को खत्म करने जैसी महत्वपूर्ण बातें कही थीं।

पहले खलीफा (First Caliph)

प्रश्न : पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब की मृत्यु के बाद इस्लाम के पहले खलीफा कौन बने थे?
उत्तर : हजरत अबू बक्र सिद्दीक
सरल व्याख्या : मुहम्मद साहब के निधन के बाद सन् 632 ई. में हजरत अबू बक्र को सर्वसम्मति से मुसलमानों का पहला खलीफा (नेता) चुना गया। वे मुहम्मद साहब के सबसे करीबी मित्र और उनके ससुर (बीबी आयशा के पिता) थे। उनका कार्यकाल लगभग 2 वर्ष का रहा।

कुरान का संकलन (Compilation of the Quran)

प्रश्न : पवित्र कुरान को पहली बार एक किताब (पुस्तक) के रूप में इकट्ठा करने का कार्य किस खलीफा के समय शुरू हुआ था?
उत्तर : हजरत अबू बक्र सिद्दीक के समय
सरल व्याख्या : पैगम्बर साहब के समय कुरान की आयतें पत्थरों, चमड़े और खजूर के पत्तों पर लिखी थीं या लोगों को जुबानी याद थीं। यामामा के युद्ध में कई हाफ़िज़ों (कुरान याद रखने वालों) की शहादत के बाद, हजरत उमर की सलाह पर पहले खलीफा अबू बक्र ने इसे एक किताब के रूप में सुरक्षित करने का काम शुरू करवाया।

साम्राज्य का विस्तार और दूसरे खलीफा (Second Caliph)

प्रश्न : इस्लाम के दूसरे खलीफा कौन थे, जिनके कार्यकाल में इस्लामिक साम्राज्य का सबसे तेजी से विस्तार हुआ?
उत्तर : हजरत उमर फारूक

सरल व्याख्या : हजरत उमर सन् 634 ई. में दूसरे खलीफा बने। उनके 10 वर्ष के शासनकाल में न्याय व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार (जैसे हिजरी कैलेंडर की शुरुआत) हुए और इस्लामिक साम्राज्य मिस्र, सीरिया और पूरे फारस (ईरान) तक फैल गया।

कुरान की प्रामाणिक प्रतियां (Standardizing the Quran)

प्रश्न : किस खलीफा के शासनकाल में कुरान की प्रामाणिक प्रतियां तैयार कराकर अलग-अलग देशों में भेजी गईं?
उत्तर : तीसरे खलीफा, हजरत उस्मान गनी के समय
सरल व्याख्या : साम्राज्य बढ़ने पर अलग-अलग क्षेत्रों में कुरान के उच्चारण में अंतर आने लगा था। इसे ठीक करने के लिए तीसरे खलीफा हजरत उस्मान ने मक्का के लहजे (कुरैश की भाषा) के आधार पर कुरान की प्रामाणिक कॉपियां तैयार करवाईं और बाकी प्रतियों को नष्ट कर दिया, ताकि कुरान का मूल रूप हमेशा सुरक्षित रहे। उन्हें ‘जामी-उल-कुरान’ (कुरान को इकट्ठा करने वाला) भी कहा जाता है।

चौथे खलीफा (Fourth Caliph)

प्रश्न : पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब के दामाद और इस्लाम के चौथे पवित्र खलीफा कौन थे?
उत्तर : हजरत अली इब्न अबी तालिब

सरल व्याख्या : हजरत अली सन् 656 ई. में चौथे खलीफा बने। वे पैगम्बर साहब के चचेरे भाई और उनके दामाद (फातिमा के पति) थे। वे बचपन में इस्लाम स्वीकार करने वाले सबसे पहले व्यक्ति थे और उन्हें अपनी वीरता व ज्ञान के लिए जाना जाता है।

प्रश्न 1: पैगम्बर मुहम्मद साहब की कुल आयु कितनी थी?
उत्तर: पैगम्बर मुहम्मद साहब की कुल आयु लगभग 63 वर्ष थी। उनका जन्म 570 ई. में हुआ था और उनका निधन 632 ई. में हुआ था।

प्रश्न 2: हजरत मुहम्मद साहब को ज्ञान (Prophethood) किस उम्र में मिला था?
उत्तर: उन्हें 40 वर्ष की आयु में (610 ईस्वी में) मक्का की ‘हीरा’ नामक गुफा में अल्लाह की तरफ से पहला संदेश प्राप्त हुआ था।

प्रश्न 3: इस्लाम के चार पवित्र खलीफाओं के नाम क्या हैं?
उत्तर: इस्लाम के चार पवित्र खलीफा (Rashidun Caliphs) क्रमशः हजरत अबू बक्र सिद्दीक, हजरत उमर फारूक, हजरत उस्मान गनी और हजरत अली इब्न अबी तालिब (रज़ि.) हैं।

प्रश्न 4: हिजरी कैलेंडर (Hijri Calendar) की शुरुआत कब और किस घटना से हुई?
उत्तर: हिजरी कैलेंडर की शुरुआत 622 ईस्वी में हुई, जब पैगम्बर मुहम्मद साहब ने मक्का से मदीना की यात्रा की थी। इस ऐतिहासिक यात्रा को ‘हिजरत’ कहा जाता है।


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